बीकानेर में 4 नई कॉलोनियां बनाने की तैयारी है, जिससे लोगों को सस्ते प्लॉट मिल सकेंगे। इसके साथ ही, बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) ने जोन विभाजन के बाद नए कर्मचारियों की भर्ती, प्लॉट आवंटन नियमों और विकास योजनाओं से जुड़े अहम निर्णय भी लिए। आवासीय परियोजनाएं शुरू की जाएं बीकानेर विकास प्राधिकरण शहर के 4 ओर नई कॉलोनियां बसाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए नाल के पास, बीछवाल, जोड़बीड़ विस्तार और गंगाशहर रोड पर कॉलोनी विकसित करने के प्रस्ताव पर शुक्रवार को हुई बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। प्राधिकरण की योजना है कि राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद इन जगहों पर आवासीय परियोजनाएं शुरू की जाएं। इससे एक ओर BDA की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और दूसरी ओर आम लोगों को सस्ती दरों पर भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे। वर्तमान में गंगाशहर रोड पर कई प्राइवेट कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, लेकिन उनकी कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं। नई सरकारी योजनाओं से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। जोन विभाजन के बाद नए पदों का प्रस्ताव बीकानेर विकास प्राधिकरण क्षेत्राधिकार को 4 जोन में विभाजित किया गया है। इस बदली हुई संरचना के बाद प्रशासनिक कार्यों को तेज़ और व्यवस्थित करने के लिए नए पदों के सृजन का प्रस्ताव बैठक में रखा गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे क्षेत्रवार काम तेजी से और व्यवस्थित तरीके से पूरा होगा। उपविभाजन और पुनर्गठन अब प्राधिकरण स्तर पर बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि उपविभाजन या पुनर्गठन से जुड़े मामलों का निपटारा अब BDA स्तर पर किया जाएगा। इससे पहले ऐसे मामलों में समय लगता था, लेकिन नए फैसले से प्रक्रिया तेज़ और सरल होगी। राष्ट्रपति पदक सम्मानितों को मिलेगा प्लॉट एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि बीकानेर निवासी कोई व्यक्ति अगर राष्ट्रपति पदक से सम्मानित है, तो उसे जोड़बीड़ आवासीय योजना में भूखंड आवंटित किया जाएगा। यह फैसला सामजिक सम्मान और प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। विकास कार्यों को लेकर SOP में संशोधन होगा BDA ने बजट घोषणा और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए SOP में संशोधन करने का निर्णय लिया है, ताकि योजनाओं को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। जोन A, B और D में नई योजनाएं बैठक में यह भी तय हुआ कि प्राधिकरण की भूमि पर जोन A, B और D में आवासीय, व्यवसायिक, वेयरहाउस और संस्थागत योजनाएं विकसित की जाएंगी। इससे शहर में संरचनात्मक विकास और निवेश दोनों की संभावनाएं बढ़ेंगी।


