नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के बाद नगर निगम ने शुक्रवार को बड़े तालाब के आसपास बने अवैध और अस्थायी निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई की। सुबह से देर शाम तक चली इस मुहिम में जेसीबी की मदद से 14 अस्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। लंबे समय से एफटीएल (फुल टैंक लेवल) के 50 मीटर दायरे में बनाए गए फॉर्म हाउस, शेड, मैरिज गार्डन और पार्टी स्थल ताश के पत्तों की तरह ढहते नजर आए। कार्रवाई का दायरा फिजा फार्म हाउस के पास वीआईपी रोड से हलालपुर तक रखा गया। सभी निर्माणों को पहले नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन कब्जाधारियों द्वारा इन्हें न हटाने पर निगम को सख्त कदम उठाना पड़ा। 7 अक्टूबर को दिए थे निर्देश
एनजीटी ने 7 अक्टूबर को प्रशासन को निर्देश दिया था कि बड़े तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में सीमांकन कर अतिक्रमण हटाएं और दिसंबर के दूसरे हफ्ते तक रिपोर्ट दें। 59 दिन तक अफसरों ने कुछ नहीं किया। अब समय सीमा में सिर्फ 10 दिन बाकी हैं। इसी के चलते शुक्रवार को कार्रवाई के साथ-साथ बिसनखेड़ी में 38 पक्के अतिक्रमणों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। टीटी नगर, हुजूर और शहर संभाग में अब तक शुरू नहीं हुआ सर्वे सीमांकन आधा-अधूरा
अक्टूबर महीने में सीमांकन का काम शुरू किया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ बैरागढ़ संभाग में ही सर्वे पूरा हो पाया है। टीटी नगर, हुजूर और शहर संभाग में सर्वे की शुरुआत भी नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया 11 दिसंबर तक पूरी होने के बाद सीमांकन फिर तेज़ी से आगे बढ़ाया जाएगा। फुल टैंक लेवल को लेकर उलझन बड़े तालाब के एफटीएल को लेकर प्रशासन अब तक स्पष्ट रेखा तय नहीं कर सका है। 2016 में निगम ने कोहेफिज़ा चौराहे से खानूगांव तक लगभग 3 किलोमीटर लंबी रिटेनिंग वॉल ‘लेक फ्रंट डेवलपमेंट’ प्रोजेक्ट के तहत बनाई थी। करीब 13 करोड़ की लागत से बनी यह वॉल तालाब के एफटीएल के अंदर आ गई, जिससे नक्शे में तालाब की चौड़ाई लगभग 50 मीटर घट गई। चार बार सर्वे… रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई
तालाब और उसके कैचमेंट क्षेत्र का सीमांकन पिछले वर्षों में चार बार (वर्ष 2016, 2018, 2019 और 2023) कराया जा चुका है। 2016 में डीजीपीएस सर्वे भी हुआ था, लेकिन किसी भी सर्वे रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया। बैरागढ़ संभाग में बड़े तालाब के सीमांकन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अन्य तीन संभागों में सर्वे जारी है। एसआईआर सर्वे के बाद इसे तेजी से पूरा करेंगे। -अंकुर मेश्राम, एडीएम


