मैहर में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की तत्परता से सात महीने की एक गर्भवती महिला की जान बचाई गई। शुक्रवार की देररात ग्राम नादन निवासी सरस्वती कोल (पति घनश्याम कोल) बीमार हो गई, जिसका हीमोग्लोबिन सिर्फ 4 पॉइंट्स पाया गया। उन्हें इलाज के लिए तत्काल सतना जिला अस्पताल भेजा गया। खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. पीयूष पांडे को मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य टीम को अलर्ट किया। उन्होंने गर्भवती महिला को सुरक्षित जिला अस्पताल भेजने के निर्देश दिए। ब्लॉक कम्युनिटी मोबलाइजर (BCM) अरबाज खान, उप-स्वास्थ्य केंद्र नादन की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) लता मोरे और आशा कार्यकर्ता सरला पटेल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभाला और महिला को अस्पताल भेजा। महिला को समय रहते जिला अस्पताल पहुंचाया जानकारी के अनुसार, महिला का मायका मैहर के कटिया क्षेत्र में है। शुरुआत में कुछ परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार जितेंद्र पटेल ने तत्काल सहयोग दिया और पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस की सहायता और स्वास्थ्य कर्मियों की लगातार निगरानी में गर्भवती को सुरक्षित रूप से सतना जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनका इलाज जारी है। इस घटना ने प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय का महत्व दर्शाया है। समय पर की गई इस कार्रवाई से एक गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु का जीवन सुरक्षित हो सका।


