डीग जिले की मुख्य सड़कों पर बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुक्रवार को जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण को मिली शिकायतों के अनुसार, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में निराश्रित पशु घूम रहे हैं। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और कई बार यातायात जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। विशेषकर सर्दी और घने कोहरे के मौसम में हादसों की आशंका और बढ़ गई है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, डीग के माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि निराश्रित पशुओं से जुड़ी घटनाएं न केवल जन-सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि जिले की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसके उपरांत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के सचिव (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने जिला कलेक्टर, नगर परिषद, सभी उपखंड अधिकारियों और पीडब्ल्यूडी विभाग को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इन निर्देशों में प्रमुख रूप से सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को तुरंत आश्रय स्थलों में भेजने, यातायात सुगमता और जन-सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र प्राधिकरण को भेजने को कहा गया है। प्राधिकरण द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सड़कों पर पशुओं की उपस्थिति से जन-धन हानि की संभावना बढ़ रही है, और इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता पर हल किया जाना अनिवार्य है। इन आदेशों की एक प्रति जिला कलेक्टर को भी भेजी गई है, ताकि पूरे जिले में इनका अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।


