सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में एक 38 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक पेशे से ड्राईक्लीनर था और पिछले 2 महीने से पत्नी के मायके चले जाने के कारण घर में अकेला रह रहा था। पत्नी ने उस पर भरण-पोषण का केस कर रखा था। शुक्रवार रात सुसाइड से तीन दिन पहले उसने अपने भाई से कहा था कि केस की सुनवाई आने तक वह दुनिया छोड़ देगा। पुलिस के अनुसार, विवेकानंद वार्ड के ग्यादीन तिराहा के पास रहने वाले गगन (38) पिता दुर्गा प्रसाद रजक ने घर की गैलरी में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के समय वह घर में अकेला था। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया है। ससुराल में हुई थी मारपीट, पत्नी ने मांगा था खर्चा
मृतक के भाई सतीश रजक ने बताया कि गगन की पत्नी करीब 2 माह पहले बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। तब से गगन मानसिक रूप से परेशान था। बच्चों से मिलने गया तो पीटा: कुछ समय पहले गगन बच्चों को देखने ससुराल (गढ़ाकोटा) गया था, जहां उसके साथ मारपीट की गई थी। भरण-पोषण का केस: पत्नी ने गगन पर भरण-पोषण का केस लगा रखा था। ‘सुनवाई आने तक मैं नहीं रहूंगा’
भाई सतीश ने बताया कि तीन दिन पहले गगन ने उससे कहा था, “जब तक केस की सुनवाई आएगी, तब तक हम चले जाएंगे।” भाई को लगा कि वह कहीं बाहर जाने की बात कर रहा है, लेकिन उसने ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया। गगन तीन भाइयों में मंझला था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।


