शिव थाने के रामपुरा कोटड़ा में लूट की वारदात में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस घटना को अंजाम देने में एक कांस्टेबल भी शामिल है। शिव थाने में कार्यरत कांस्टेबल ने अपने ही रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक रहवासी घर को निशाना बनाया। घर में घुसकर पिस्टल की नोक पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। इसके संबंध में पुलिस ने पुिलस कांस्टेबल सहित पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिव थाना क्षेत्र के रामपुरा कोटड़ा निवासी भावना अहीर पत्नी शिरीष भाई अहीर निवासी नवसारी गुजरात हाल निवासी रामपुरा कोटड़ा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 3 जनवरी की रात को 9 बजे दो व्यक्ति उसके घर आए। बाहर गेट पर उन्होंने बताया कि वह पुलिस थाना शिव से घर में रहने वाले लोगों का वेरिफिकेशन करने आए हैं। उन्होंने भावना से उसके पति के बारे में पूछा जिस पर उसने उसके पति के गुजरात जाने की बात कहकर आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेने अंदर गई। उस दौरान लूट के लिए आए दोनों आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर उसे धमकाया तथा उसके पास से 5 लाख रुपए और सोने चांदी के गहने लूट कर ले गए। इसके बाद महिला ने 4 जनवरी को सुबह शिव थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। 3 जनवरी की रात कांस्टेबल जगदीश अपने जीजा जेठाराम के साथ बंशीलाल के खेत पर पहुंचा। वहां जगदीश, जेठाराम, बंशीलाल, मदनसिंह ने शराब पार्टी की। बंशीलाल के खेत में पार्टी के दौरान वह शिरीष के घर में सो रहे गजाराम के इशारे का इंतजार कर रहे थे। रात को 9 बजे गजाराम ने जगदीश को फोन कर बुलाया। इस पर जगदीश की बाइक पर जेठाराम, जगदीश और मदनसिंह वहां पहुंचे। जेठाराम बाइक पर बैठा रहा और जगदीश व मदनसिंह ने घर का गेट खटखटाया लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद ये मकान के पीछे के दरवाजे पर पहुंचे और वहां भावना ने दरवाजा खोला। इसके बाद इन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया। शिरीष भाई के गुजरात जाने के बाद खेत में बने उसके घर में उसकी पत्नी भावना अहीर, बेटी रवि और बेटा वेद रहते थे। यहीं पर बंशीलाल का बेटा गजाराम उर्फ गज्जू भी मकान में अलग रूम में रहता था। वह शिरीष के यहां खेती का काम संभालता था। इस वजह से उसको पता था कि घर में कहां कितने रुपए रखे हुए हैं। गजाराम ने इसकी पूरी जानकारी बंशीलाल, जेठाराम, मदनसिंह और पुलिस कांस्टेबल जगदीश भील को दी। इस पर कांस्टेबल जगदीश ने मदनसिंह ने साथ लूट की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। जिस समय लूट की घटना हुई, उस दौरान गजाराम भी घर पर मौजूद था तथा लूट की वारदात के बाद गजाराम ने ही पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। रामपुरा कोटड़ा के रहवासी मकान में लूट की वारदात को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने एमओबी टीम व डीएसटी टीम के सहयोग से आरोपियों की तलाश की। जांच के दौरान पीड़ित के साथ में रहने वाले संदिग्ध जेठाराम निवासी लखा, गजाराम पुत्र बंशीलाल निवासी महाबार व खेत मालिक बंशीलाल पुत्र मंगलाराम निवासी महाबार बाड़मेर को पकड़ कर उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उन्होंने मदनसिंह पुत्र अर्जुनसिंह निवासी लखा व कांस्टेबल जगदीश भील निवासी चाडी पुलिस थाना रामसर के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी मदनसिंह व पुलिस कांस्टेबल जगदीश ने पीड़िता के घर में प्रवेश कर डरा धमका कर रोकड़ रुपए व गहने लूट कर ले जाने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। कांस्टेबल जगदीश को निलंबित कर उसकी विभागीय जांच वृत्ताधिकारी रामसर को सौंपी है। इन पांचों आरोपियों में जेठाराम झिझनियाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है, उसके खिलाफ लूट व नकबजनी के 16 मामले दर्ज है। मदनसिंह के खिलाफ एक व सदर थाने के हिस्ट्रीशीटर बंशीलाल के खिलाफ 9 मामले दर्ज है। गुजरात के नवसारी के खैरगांव में रहने वाले शिरीष भाई को किसी मुकदमे में गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात में किए गए घोटाले के रुपए से बाड़मेर के रामपुरा कोटड़ा में बंशीलाल पुत्र मंगलाराम के नाम से 16 बीघा जमीन ली। 16 बीघा में शिरीष भाई के साथ साथ जेठाराम, बंशीलाल और उसका पुत्र गजाराम खेती का कार्य करते थे। महिला के पति शिरीष भाई अहीर को गुजरात पुलिस एक मामले में गिरफ्तार कर ले गई। यह बात कांस्टेबल जगदीश भील को पता थी। उसने इस संबंध में अपने हिस्ट्रीशीटर जीजा जेठाराम को जानकारी दी। झिनझिनयाली थाने के हिस्ट्रीशीटर जेठाराम ने अपने कांस्टेबल साले के साथ मिलकर इस साजिश को रचा तथा अपनी इस लूट की वारदात में उन्होंने मदनसिंह , बंशीलाल और उसके पुत्र गजाराम को भी शामिल किया।


