एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई:दुष्कर्म, छेड़छाड़ और दहेज हत्या जैसे 15 मामलों में ली गई थी घूस नोटों के लिफाफों को रीडर ने बताया अपना, लेकिन पकड़ा गया झूठ

एंटी करप्शन ब्यूरो की 12 नवंबर को महिला थाने पर की गई कार्रवाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली और नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीबी ने महिला थाने और थाना प्रभारी के सरकारी आवास से 5.71 लाख रुपए की अवैध नकदी बरामद की। थाने की तलाशी के दौरान 15 लिफाफों में रखे 4.54 लाख रुपये मिले, जिन पर विभिन्न प्रकरणों की संख्या अंकित थी। यह रकम पीड़ित महिलाओं के केसों से जुड़ी थी। पूछताछ में एसएचओ भंवर सिंह और रीडर जयसिंह ने नकदी को वैध ठहराने की कोशिश की, लेकिन उनके बयान विरोधाभासी और संदिग्ध पाए गए। भरतपुर महिला थाने में दर्ज मामलों की पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए। दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में पुलिस ने पीड़ित महिलाओं पर समझौते के लिए दबाव बनाया।
आरोप है कि थाना प्रभारी और उनकी टीम ने पीड़िता की बजाय आरोपी पक्ष का अधिक पक्ष लिया। साल 2024 में थाने में कुल 91 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 15 मामलों में रिश्वत के सबूत सामने आए। इन मामलों में 8 दहेज उत्पीड़न और 7 छेड़छाड़ से जुड़े थे। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे न्याय की उम्मीद लेकर थाने गईं, लेकिन वहां पुलिस ने उनके साथ न्याय करने की बजाय आरोपी पक्ष से पैसा लेकर मामले को दबाने की कोशिश की। एक महिला ने रोते हुए कहा, “जहां हमें सहारा मिलना चाहिए, वहां हमारी आवाज दबा दी जाती है। न्याय के लिए हम कहां जाएं?” भरतपुर एसीबी ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ जयपुर एसीबी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जिन मामलों में ली रिश्वत, उनमें 8 दहेज-7 छेड़छाड़ के, महिलाओं पर बनाया राजीनामे का दबाव रीडर बोला घर पर कोई नहीं था इसलिए थाने में रखे थे रुपए… एसीबी को रीडर जयसिंह ने बताया कि अलमारी में जांच पत्रावलियों को रखी गई है। एसीबी ने अलमारी से पत्रावली को बाहर कर तलाशी की। उसके बाद अलमारी की ऊपरी रैक की तलाशी ली जिसमें कुछ लिफाफे व एक कपड़े की थैली में नकदी मिली। जिसे बाहर निकालकर राशि को काउंट करने पर कुल 4.54 लाख रुपए प्राप्त हुए। एसीबी के पूछने पर रीडर जयसिंह ने उक्त रुपए को अपने निजी बताए। उसने कहा कि मेरी पत्नी भाई की शादी में धौलपुर गई हुई है। इसलिए साथ लेकर आया था और अलमारी में रख दिए। टीम द्वारा उक्त राशि की लेनदेन व बैंक खाते के बारे में पूछने पर रीडर द्वारा बताया गया कि वह 20 हजार रुपये किसी से लाया है और राशि की याद नहीं है। मेरे मकान का काम चल रहा है। पुन: रीडर ने बताया कि मेरे पास 1.5 लाख साले रिंकू के थे। ज्यादातर मामलों में एसीबी की कार्रवाई के बाद कोर्ट में चार्जशीट हुई पेश… महिला थाने पर एसीबी ने दबिश देकर 15 मामलों में 4.55 लाख रुपये की अवैध वसूली का खुलासा किया। इनमें 9 मामले दहेज उत्पीड़न के हैं, जिनसे 2.03 लाख रुपये बरामद हुए। वहीं, 6 मामले पॉक्सो, दुष्कर्म, दहेज हत्या और छेड़छाड़ से संबंधित हैं, जिनसे 2.5 लाख रुपये रिश्वत ली गई। उक्त प्रकरणों में 5 प्रकरणों की एफआईआर अक्टूबर 2024 में 5,अगस्त में 4,जुलाई में 02 व एक प्रकरण जनवरी में दर्ज कराई गई है। इन सभी प्रकरणों में ज्यादातर प्रकरणों में कोर्ट में चार्जशीट एसीबी की कार्रवाई के बाद सबमिट किया गया है। जिसमें सबसे ज्यादा दिसंबर महीने में चार्जशीट पेश की गई है। इन केसों से जानिए… पीड़िताओं को ही आरोपी बना दिया गया 1 . मैं ससुराल लौटने को तैयार थी, पुलिस ने दबाव बनाया तो बिगड़ी बात… सविता (बदला हुआ नाम) की फरवरी 2024 में शादी हुई पति के अफेयर और अत्याचार के चलते पति ने उन्हें छोड़ दिया। महिला थाने में शिकायत की तो पुलिस ने दोनों पक्षों को राजीनामा कराने के लिए बुलाया, जहां पुलिस ने मदद की बजाय लड़के पक्ष का समर्थन किया। वहां लड़के पक्ष के 5-6 लोग और पुलिस एक तरफ से बात करते नजर आए। सविता ने कहा, “मैं ससुराल लौटने को तैयार थी, लेकिन पति ने इनकार कर दिया। पुलिस ने हमारी कोई बात नहीं सुनी। राजीनामा में पूरा सामान भी लेकर नहीं आया। एसएचओ और रीडर ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, उसी के कमरे से एसीबी की टीम ने छापा मारकर अवैध रकम बरामद किया। 2 . पति पर थे चोरी के केस, राजीनामे के लिए पुलिस ने बनाया दबाव… अंजली (बदला नाम) ने बताया कि पति के खिलाफ उन्होंने महिला थाने में शिकायत दी वह उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में 9-10 मुकदमे दर्ज थे। बार-बार जेल जाने की वजह से अंजली को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। महिला थाने में उन्हें राजीनामा के लिए बुलाया। बार-बार राजीनामा करने का दबाव बनाया। पुलिस ने यह तर्क दिया कि लड़का अब चोरी नहीं करेगा। लेकिन अंजली ने स्पष्ट किया कि जिस लड़के पर इतने मुकदमे दर्ज हों, वह जीवनभर जेल में ही रहेगा। उन्होंने कहा, “चोरी न करने के लिए उसे कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं माना। हर बार जेल जाने के बाद मुझे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। “एसएचओ व रीडर को सस्पेंड किया है। आगे की कार्रवाई के लिए विभागीय जांच चल रही है। जांच पूर्ण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
-मृदुल कच्छावा, एसपी, भरतपुर
“एसएचओ व रीडर पर एसीबी थाना जयपुर में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। आगे की जांच चल रही है।”
-अमित कुमार, एएसपी, एसीबी,भरतपुर

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