गोड्डा शहर के पुराने समाहरणालय के मुख्य गेट के पास बिना अनुमति बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद गहरा गया है। बाबा साहब के महा परिनिर्वाण दिवस के दिन हुई इस घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों ने रातों-रात सरकारी स्थल पर प्रतिमा लगा दी, जबकि इस कदम के लिए सक्षम पदाधिकारी से मंजूरी नहीं ली गई थी। प्रशासन ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा मानते हुए त्वरित एक्शन लिया है। रातों-रात प्रतिमा लगने की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। प्रशासन ने तुरंत दर्ज की एफआईआर बिना अनुमति प्रतिमा लगाने के मामले में प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाते हुए 17 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। एसडीएम-सह-दंडाधिकारी बैधनाथ उरांव ने आदेश जारी करते हुए पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी। साथ ही पुराने समाहरणालय क्षेत्र के 500 गज के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने और शहर की शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था। प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद आसपास के इलाके में भीड़ जुटने लगी थी, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाई एसडीएम बैधनाथ उरांव ने संबंधित अंचलाधिकारी को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति प्रतिमा लगाने में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि या प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन कर प्रतिमा लगाने को कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ माना जाएगा। उधर, नगर थाना प्रभारी दिनेश महली ने बताया कि एसडीओ के निर्देश पर 17 नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि शहर में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है, और किसी भी तरह के तनाव को बढ़ने नहीं दिया जाएगा।


