शनिवार को नरसिंहपुर रेलवे स्टेशन और रेलवे अस्पताल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. आरआर कुर्रे सहित सभी उपस्थित कर्मचारियों ने बाबा साहेब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। डॉ. कुर्रे ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाज सुधारक और मानवता के प्रतीक थे। उन्होंने छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, महिलाओं की शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उनके योगदान को याद करते हुए सभी ने उन्हें नमन किया। डॉ. अंबेडकर ने 6 दिसंबर 1956 को अंतिम सांस ली थी। बौद्ध दर्शन के अनुसार, पुण्य आत्माओं के देहांत को ‘महापरिनिर्वाण’ कहा जाता है। इसी कारण उनकी पुण्यतिथि को ‘महापरिनिर्वाण दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर रेलवे स्टेशन और अस्पताल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


