‘टाॅयलेट जाना है तो सामने वाले प्लेन में जाओ’:दिल्ली एयरपोर्ट पर भूखे–प्यासे डेंजर जोन में भटके राजस्थानी, जयपुर में फ्लाइटें रद्द होने से अटके टूरिस्ट ग्रुप

हमें कहा- टाॅयलेट जाना है तो सामने वाले प्लेन में जाओ। कल फ्लाइट कैंसिल हुई। फिर मैसेज आया- फ्लाइट जाएगी। हम सामान लेकर एयरपोर्ट पहुंचे तो जवाब मिला कैंसिल हो गई। अब कह रहे हैं-बस से दिल्ली चले जाओ। भारत के सभी एयरपोर्ट पिछले एक सप्ताह से क्राइसिस जोन बने हुए हैं। जयपुर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस ने आज आने और जाने वाली 17 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं। इस वजह से कई टूरिस्ट ग्रुप अटक गए। सुबह से काउंटर पर लंबी लाइन लगी हुई है। राजस्थान के कई लोग दिल्ली एयरपोर्ट पर भी फंसे हुए हैं। वहां लोग घंटों भूखे-प्यासे टारमैक में भटक रहे हैं। टारमैक या डार्कमैक वह एरिया होता है जहां विमान खड़े होते हैं, टैक्सी करते हैं और रनवे से जुड़ते हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जयपुर एयरपोर्ट पर भास्कर रिपोर्टर की बागडोगरा(पश्चिमी बंगाल) से आए बुजुर्ग दंपती मनीषा जैन और भोजराज जैन से मुलाकात हुई। दोनों परेशान नजर आए। बोले- शादी में आए थे, लेकिन दो दिन से एयरपोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। मनीषा जैन ने बताया- कल फ्लाइट कैंसिल हुई। फिर मैसेज आया-आज जाएगी। हम पूरा सामान लेकर आए। यहां आकर पता चला, फ्लाइट फिर कैंसिल हो गई। अब कह रहे हैं-दिल्ली बस से चले जाओ। न्यूयॉर्क की वरिष्ठ डॉक्टर का दर्द- हम 1 घंटे बस में बंद रहे न्यूयॉर्क में प्रैक्टिस कर रही राजस्थान की डॉक्टर रेखा भंडारी 4 दिसंबर को जोधपुर की फ्लाइट के लिए दिल्ली गई थी। फ्लाइट सुबह 10 बजे की थी। एयरपोर्ट पहुंचते ही पता चला कि फ्लाइट लेट है। हर दो घंटे पर बस आधा घंटा और का ही जवाब मिलता रहा। करीब छह घंटे बाद उन्हें बस में बोर्डिंग के लिए बैठाया गया, लेकिन बस वहीं रोक दी गई। लगभग एक घंटे से ज्यादा वे वहीं फंसे रही। डॉ. भंडारी ने बताया कि इस दौरान छोटे बच्चों की हालत खराब होने लगी। न पानी का इंतजाम था, न वॉशरूम की सुविधा थी। 100–150 लोग डारमैक पर घूम रहे थे। जो बेहद खतरनाक था। खतरनाक इसलिए क्योंकि यह एरिया हमेशा हाई-रिस्क होता है—जहां हर सेकंड कोई बड़ा विमान मूव कर सकता है। स्टाफ के पास न कोई स्पष्ट जवाब था, न स्थिति संभालने की क्षमता। वॉशरूम के लिए कहा तो जवाब मिला- टाॅयलेट जाना है तो सामने वाले प्लेन में जाओ। इसी दौरान वहीं मौजूद एक यात्री ने वीडियो बना लिया। यात्री रेखा भंडारी ने ये वीडियो दैनिक भास्कर से साझा कर अपना दर्द बांटा। दावा : इंडिगो स्टाफ ने कहा- सोमवार तक कई रूट्स पर कोई फ्लाइट नहीं शनिवार जयपुर एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों के अनुसार, इंडिगो स्टाफ खुद कन्फ्यूज था। एक कर्मचारी ने साफ शब्दों में कहा- सोमवार तक कई जगह के लिए फ्लाइट ही नहीं है। हम कुछ नहीं कर सकते। यह सुनकर यात्रियों में और ज्यादा घबराहट फैल गई। क्योंकि कई लोग आगे इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने वाले थे। कई को मेडिकल इमरजेंसी थी, कुछ को शादी या अन्य जरूरी काम। रास्ते में अटके टूरिस्ट ग्रुप फ्लाइट कैंसिलेशन का सबसे ज्यादा असर राजस्थान के टूरिज्म सेक्टर पर पड़ा है। दिसंबर-जनवरी का समय पीक सीजन माना जाता है, जब देश-दुनिया के पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। राजस्थान टूर की डायरेक्टर मधुबंती सिंह ने बताया कि अचानक उड़ानें रद्द होने से कई ग्रुप रास्ते में ही अटक गए। मजबूरी में बसों की व्यवस्था करनी पड़ी, लेकिन लंबा सफर होने से क्लाइंट परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है कि इससे पर्यटन पर निगेटिव इंपैक्ट आया है। अभी भी यह स्थिति कब सुधरेगी, इसका कोई अंदाजा नहीं है। फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी से पर्यटन क्षेत्र को नुकसान फ़ेडरेशन ऑफ़ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज़्म ऑफ़ राजस्थान (FHTR) के अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेल ने बताया कि फ्लाइटें रद्द होने और उनमें देरी होने से पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि इस समय सटीक नुकसान का आकलन करना संभव नहीं है, लेकिन इसका असर साफ़ तौर पर दिख रहा है। कई होटलों में बुकिंग कैंसिल हो गई है। हालाँकि, कुछ पर्यटक फ्लाइट की जगह ट्रेन या सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, लेकिन दूर से आने वाले लोगों को फ्लाइटें रद्द होने के कारण अपनी बुकिंग मजबूरन कैंसिल करनी पड़ी है। फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (FHTR) के अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेल ने बताया कि फ्लाइटें रद्द होने और उनमें देरी होने से पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ है। कई होटलों में बुकिंग कैंसिल हो गई है। कुछ पर्यटक फ्लाइट की जगह ट्रेन या सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, लेकिन दूर से आने वाले लोगों को बुकिंग मजबूरन कैंसिल करनी पड़ी है।

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