गोरखपुर में मां–बेटी की हत्या पुलिस ने 13 दिन बाद खुलासा कर दिया। हत्या किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि परिवार के ही बेहद करीबी एक युवक ने की थी। वह रेलवे कर्मचारी का बेटा है। करीबी होने के भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने लूट की नीयत से दोनों की हत्या कर दी। घटना वाली रात उसने दोनों मां बेटी को शराब पिलाई, नशे में होने पर हथौड़े से वार कर उनकी हत्या कर दी। घर में रखा करीब 4.50 लाख रुपये नकद और सोने का ब्रेसलेट उठा ले गया। आरोपी बीए लास्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी ने कबूल किया कि उसने गर्लफ्रेंड के पिता का कर्जा उतारने के लिए हत्या की। जिसमें उसने गर्लफ्रेंड को एक मोबाइल दिलवाया। बाकी बचे पैसों से उसने कर्जा खत्म किया। पुलिस ने 800 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, 200 मोबाइल नंबरों की डिटेल और मोहल्ले–परिवार के लगभग दर्जनों लोगों से पूछताछ की। इसके बाद हत्याकांड का खुलासा हुआ। पहले जानिए क्या था मामला
शाहपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुरवा में 23 नवंबर की रात शांति जायसवाल (75) और उनकी बेटी विमला (50) की हथौड़े से कूचकर हत्या कर दी गई थी। विमला रामा फर्नीचर की दुकान पर पिछले 8 साल से काम करती थीं। शांति देवी के पति की 30 साल पहले मौत हो चुकी थी। मूल रूप से पीपीगंज की रहने वाली शांति देवी रेलवे कारखाने के सामने चाय की दुकान चलाती थीं। शांति देवी की बड़ी बेटी सुशीला शादी के बाद लखनऊ में रहती हैं, जबकि विमला ने शादी नहीं की थी। रविवार की शाम को विमला फर्नीचर की दुकान से घर लौटीं। लेकिन, सोमवार सुबह से उनका कुछ पता नहीं चला। दुकान मालिक रामानंद ने सुबह 10 बजे कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 8 बजे दुकान बंद करके वह खुद मकान पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज न आने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो मां-बेटी के शव मिले थे। 13 दिन हत्या का खुलासा किया
पुलिस ने 13 दिन बाद हत्या का खुलासा करते हुए आरोपी रजत (21) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मां-बेटी के घर से महज 200 मीटर दूर सड़क के दूसरी तरफ आवास विकास कालोनी में रहता है। वह बीए लास्ट ईयर की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी ने कबूल किया कि वह गर्लफ्रेंड के पिता का कर्जा उतारने के लिए हत्या किया। पुलिस के लिए जांच शुरू से ही बेहद चुनौतीपूर्ण थी। हथौड़ा कपड़े में लिपटा होने से उस पर फिंगरप्रिंट नहीं मिले। घर में जबरन घुसपैठ के निशान नहीं थे, जिससे बाहरी हमलावर की संभावना कमजोर पड़ रही थी। पुलिस ने इलाके के 800 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, 200 मोबाइल नंबरों की डिटेल और मोहल्ले–परिवार के लगभग दर्जनों लोगों से पूछताछ की। रजत की लोकेशन, मोबाइल पैटर्न और संदिग्ध खर्च सामने आने के बाद जब उसे हिरासत में लिया गया, तो पूछताछ में वह टूट गया और पूरे घटनाक्रम को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गलवाए गए सोने के गहनों का हिस्सा भी बरामद किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने 16.94 ग्राम की सोने की चेन 17.94 ग्राम गला सोना, 1 अंगूठी, मोबाइल, 50 हजार रुपए और 1 हथौड़ा बरामद किया है। विमला को बुआ बुलाता था हत्या का आरोपी
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने इस घटना का पर्दाफाश करते हुए बताया- आवास विकास में रहने वाला रजत के पिता रेलवे में डी क्लास श्रेणी में नौैकरी करते हैं। रजत का शाहपुर की ही एक लड़की से वर्ष 2019 से अफेयर चल रहा है। रजत के घर से 200 मीटर दूरी पर शांति देवी और विमला एक घर में रहती थी। विमला से जान पहचान होने के बाद रजत उसे बुआ बोलने लगा। अक्सर उसके घर पर आने जाने लगा। शांति देवी भी उसे बेटे की तरह की मानती थी। घर पर हमेशा आने जाने की वजह से ही वह अंदर की हर जानकारी रखता था। रजत पढ़ाई कर रहा था, इसके साथ ही वह छोटे मोटे काम भी करता था। लेकिन हमेशा उसे पैसों की खातिर जुझना पड़ता था। विमला के पैसों से ही वह शराब खरीदकर लाता था। फिर उसके साथ घर पर बैठकर पीता था। विमला भी रजत के घर आती जाती थी। अब पढ़िए आरोपी का कबूलनामा
रजत ने पुलिस को बताया- मुझे काफी पैसों की जरूरत थी। गर्लफ्रेंड भी पिता के कर्ज की वजह से परेशान रहती थी। मैं विमला के घर पर आता जाता था। वहां मुझे पता था कि अलमारी में कैश रखा है। विमला भी सोने का मंहगा ब्रेसलेट पहनती थी। जिसपर मेरी काफी दिनों से नजर थी। कई बार चोरी का प्रयास किया। लेकिन हर बार असफल हुआ। रजत ने बताया कि 23 नवंबर को शाहपुर की एक दुकान से एक बोतल रम खरीदी। मैंने सोचा था कि रम पिला कर विमला के घर से माल साफ कर दूंगा। रात 10 बजे विमला के घर गया। बाहर के कमरे में सोफे पर शांति देवी लेटी थीं। उन्होंने मुझसे हाल चाल पूछा। उनसे बात करके सीधे विमला के कमरे में चला गया। विमला ने मेरी मां को कॉल कर पराठे बनवाए थे। मुझे घर में ही छोड़कर वह पराठे लाने मेरे घर गई। रात करीब 10:56 बजे वह मेरे घर से पराठा लेकर लौटी। फिर मैंने उसके लिए एक शराब का पैग भी बनाया। उसे पीने के बाद भी उसे नशा नहीं हुआ। सिर पर कई वार किए, वह चिल्ला रही थी
मैं सोच कर विमला के घर गया था कि हर हाल में आज चोरी करके ही जाउंगा। मेरा शराब वाला प्लान फेल होता दिखने लगा। तब मैंने विमला के कमरे में रखा हथौड़ा उठाया। उसके सिर पर कई वार किए। वह चिल्ला रही थी। जब तक वह शांत नहीं हुई तब तक हथौड़े से वार किया। तभी दूसरे कमरे में सोफे पर लेटीं शांति देवी भी बोलने लगी कि क्या हुआ। मुझे लगा कि अगर शांति देवी जिंदा रहीं तो मेरा बचना मुश्किल है। इसलिए विमला को मारने के बाद शांति देवी की भी उसी हथौड़े से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखा नकद और गहना लेकर चुपचाप अपने घर चला गया। दाह संस्कार में शामिल होकर बहाए आरोपी ने आंसू
हत्या के बाद आरोपी रजत अपने घर पर जाकर सो गया। दूसरी दिन बड़े आराम से शहर में इधर-उधर घूमता रहा। गर्लफ्रेंड को जाकर डेढ़ लाख रुपये दिए। अपने पिता को 50 हजार रुपए दिए। वहीं गर्लफ्रेंड के लिए डेढ़ लाख का एक मोबाइल खरीदा। वहीं सोने के गहने को एक दुकान पर जाकर गलवाकर अपने पास रख लिया। सोमवार को घर से शांति देवी और उनकी बेटी विमला की लाश मिली। इसके बाद आस-पास के लोगों के साथ ही रजत से भी पूछताछ हुई। तब वह पुलिस से बोला था कि बुआ की तरह मानता था। वह मुझे बहुत मानती थीं। शांति देवी भी बेटे की तरह मानती थी। यह सब कहकर रोने लगा। बयान नोट कर पुलिस ने उसे भेज दिया। इसके बाद लखनऊ से शांति देवी की बड़ी बेटी सुशीला गोरखपुर पहुंची। उन्होंने राजघाट जाकर अपनी मां और बहन का दाह संस्कार किया। इस दौरान भी रजत वहां मौजूद रहा। सुशीला भी लखनऊ से आकर रजत के घर पर ही रुकी थीं। किसी को भी रजत ने जरा भी आभाष नहीं होने दिया। 800 कैमरे देखने के बाद दिखा हत्या का आरोपी
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया- 23 नवंबर की हत्या की घटना को खोलने के लिए पुलिस की कई टीमें काम कर रही थीं। 100 से अधिक लोगों से पूछताछ भी की गई थी। लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई थी। इस घटना में पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास के करीब 800 सीसीटीवी कैमरे को देखा। 13 दिन तक की जांच पड़ताल के बाद शुक्रवार को एक कैमरे में रजत दिखा। इसके बाद जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तब उसने हत्या की बात स्वीकार की।


