नरसिंहपुर: मिलर्स ने बकाया भुगतान पर मिलिंग रोकी:सरकार से 15 करोड़ बकाया मिलने तक काम बंद रखने का ऐलान

नरसिंहपुर जिले में धान खरीदी सत्र शुरू होने के साथ ही मिलर्स और प्रशासन के बीच विवाद सामने आया है। मिलर्स ने पिछले वर्ष की मिलिंग का लगभग 15 करोड़ रुपये बकाया न मिलने तक मिलिंग कार्य बंद रखने का ऐलान किया है। जिला राइस मिल एसोसिएशन ने शनिवार को बैठक कर इस संबंध में रणनीति बनाई और खाद्य आपूर्ति निगम के अपर मुख्य सचिव के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलदीप राजपूत ने बताया कि पिछले वर्ष की मिलिंग का भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जिससे मिलर्स की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, उपार्जन वर्ष 2024-25 की मिलिंग पर मिलने वाली अपग्रेडेशन राशि भी अब तक जारी नहीं हुई है। राजपूत ने कहा कि यह भुगतान मिलर्स के लिए अत्यंत आवश्यक है। भुगतान न मिलने के कारण अधिकतर मिलर्स बैंक डिफॉल्टर बनने की स्थिति में पहुंच गए हैं। एसोसिएशन ने सरकार से बकाया भुगतान और संबंधित आदेश जल्द जारी करने की मांग की है। मिलर्स ने पूर्व में हुई मिलिंग के दौरान धान और चावल की लोडिंग-अनलोडिंग राशि न मिलने पर भी आपत्ति जताई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि समितियों में जमा बोरियों के उपयोग पर होने वाला राज्यांश व्यय भी अब तक जारी नहीं किया गया है, जिसे तत्काल रिलीज करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, मिलर्स ने इस वर्ष जारी मिलिंग नीति में भारतीय खाद्य निगम (FCI) में जमा चावल पर रेशा अनुसार मिलने वाली अपग्रेडेशन राशि का उल्लेख न होने पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि इस राशि के बिना रिजेक्शन और गुणवत्ता हानि की प्रतिपूर्ति संभव नहीं है, इसलिए नीति में संशोधन कर इसे शामिल किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के कमलदीप सिंह राजपूत, नरेंद्र राजपूत, अनुराग लूनावत, जितेंद्र राय, संदीप जुनेजा, आलोक अग्रवाल, शशांक प्रजापति और सिद्धार्थ साहू सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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