झाबुआ जिले के पेटलावद स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मातृशक्ति को समर्पित था, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं में निहित सात दिव्य शक्तियों के महत्व को उजागर करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति धार विभाग कार्यवाहिका ज्योति सोनी मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका आरती जायसवाल ने विशेष अतिथि के रूप में ‘भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका’ पर उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। ममता पवार ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि पूजा सोनी और विद्यालय की वरिष्ठ दीदियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। रश्मि दवे ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए भगवद गीता में वर्णित महिलाओं की सात शक्तियों – श्री, वाक, स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा और कीर्ति के अर्थों को समझाया। इसके बाद, बहनों ने रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई, लोकमाता अहिल्याबाई और सावित्रीबाई फुले जैसी महान विभूतियों के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित प्रेरणादायी संदेश प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। मोता बाई सतोगिया और रेखा अग्रवाल को संयुक्त परिवार के लिए, जबकि लीला बहन सेंचा को शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित 10 प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हर्षिता आकाश चौहान ने की, जिन्होंने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। हेमलता बैरागी और देवबाला सोनी ने अपने अनुभव साझा किए। अंत में, पूजा सोनी ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का संचालन आरती चोयल ने किया।


