अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के महा परिनिर्वाण दिवस पर अंबेडकर और आधुनिक भारत का लोकतांत्रिक ढांचा विषय पर एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रोफेसर विशाल सकलानी ने डॉ. अंबेडकर के बहुआयामी व्यक्तित्व व प्रेरणादायी जीवन पर विस्तृत रूप से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, मानवाधिकार, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रखर पक्षधर थे। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने में जो योगदान दिया, वह सदैव राष्ट्र का मार्गदर्शन करता रहेगा। सामाजिक भेदभाव मिटाने, वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने और आधुनिक भारत के निर्माण के लिए उनकी दूरदर्शिता को विशिष्ट बताया। विशेष अतिथि अर्जुन सहजपाल, सूबा सह सचिव, एबीवीपी पंजाब ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जीवनकाल में थे। इस अवसर पर सचिव साकेत शर्मा ने सभी अतिथियों, संस्थान और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम में निधि शर्मा, दिनेश साव, दिया बख्शी, डॉ. सुरभि बंसल, ओमसी शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


