जालंधर| गुलमोहर सिटी स्थित मां बगलामुखी धाम में भक्तों की ओर से शनिवार को सामूहिक हवन करवाया गया। ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान से विधिवत वैदिक रीति के अनुसार पूजन करवाया। धाम के संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने कहा कि दुख के बिना सुख का महत्व नहीं है। यह संसार एक नदी के समान है, जिसके सुख और दुख दो किनारे हैं, जो जीवन की क्षणभंगुरता, निरंतरता और मनुष्य की अनिश्चित यात्रा को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन वास्तव में एक अविरल नदी के समान है, जो निरंतर प्रवाहित होती रहती है। इस यात्रा में मनुष्य स्वयं को एक धारा के रूप में पाता है, जिसका अपने गंतव्य पर कोई नियंत्रण नहीं है। भारद्वाज ने कहा कि जिस प्रकार नदी का स्वभाव बहते रहना है, उसी तरह जीवन में भी ठहराव संभव नहीं है। हर पल बदलता रहता है। मनुष्य अकसर स्थिरता चाहता है, लेकिन प्रकृति का नियम गति है। यह भाग्य समझाएगा कि बदलाव को स्वीकार करना ही आगे बढ़ने का तरीका है। इस मौके पर मनी राम, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर, सरोज बाला आदि मौजूद रहे।


