छुईखदान क्षेत्र के बुंदेली में प्रस्तावित श्री सीमेंट फैक्ट्री और संडी चूना पत्थर खदान को लेकर ग्रामीणों का असंतोष शनिवार को बड़े जनआंदोलन में बदल गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई रैली दोपहर होते-होते उग्र टकराव में बदल गई, जिसमें किसानों और पुलिस के बीच कई दौर की झड़प, बैरिकेड में तोड़फोड़, हाईवे जाम और लाठीचार्ज की नौबत आ गई। इस प्रदर्शन में 39 गांवों के करीब 10 हजार ग्रामीण शामिल थे, जो ट्रैक्टरों में सवार होकर यहां पहुंचे थे। प्रदर्शन शाम 6 बजे तक जारी रहा। सुबह 11 बजे संडी-बुंदेली-दनिया क्षेत्र से रैली शुरू हुई जिसमें हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। किसान अपनी मांगों के साथ नारे लगाते हुए उदयपुर होकर गोपालपुर चौक पहुंचे। जो छुईखदान से महज 600 मीटर की दूरी पर है। जनसुनवाई रद्द करो, किसान एकता जिंदाबाद और सीमेंट फैक्ट्री नहीं चाहिए जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा। छुईखदान पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से कई स्थानों पर बैरिकेड और ट्रक खड़े कर किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन जब रैली आगे बढ़ती रही तो पुलिस को बैरिकेड हटाने पड़े। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस आगे-आगे और किसान पीछे-पीछे चलते रहे, जिससे कई बार अफरा-तफरी की स्थिति बनी। आरोप–प्रत्यारोप तेज, नेताओं की तीखी बयानबाज़ी
तहसील कार्यालय पर किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता सुरेश टीकम ने कहा कि जहां तीन फसल होती है, वहाँ फैक्ट्री लगाना सीधे-सीधे किसानों की हत्या है। सरकार 200 लोगों की नौकरी के लिए हजारों किसानों की रोज़ी-रोटी छीनने पर आमादा है। जनपद सभापति सुधीर गोलछा ने कहा कि कंपनी ने किसानों को गलत जानकारी दी और परियोजना में विस्थापितों के लिए कोई सुरक्षा योजना नहीं है। पूर्व विधायक गिरवर जंघेल ने कहा कि हम तहसील कार्यालय के पास केवल कलेक्टर को बुलाने की मांग कर रहे थे। उसी दौरान कुछ उपद्रवी स्टेट हाईवे पर जाकर चक्का जाम कर बैठे। एसडीएम कार्यालय घेराव, कलेक्टर के नहीं आने पर भीड़ भड़की
दोपहर लगभग 12 बजे किसान एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और जनसुनवाई रद्द करने का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग रखी कि कलेक्टर मौके पर आएं। लगभग पांच घंटे इंतजार के बाद भी जब कलेक्टर नहीं पहुंचे, तो भीड़ में आक्रोश फूट पड़ा और स्थिति बिगड़ने लगी। कलेक्टर के नहीं आने से नाराज़ किसानों ने स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। उपद्रवियों ने सरकारी बैरिकेड को उठाकर जमीन में पटक–पटककर तोड़ दिया। कुछ युवकों ने ट्रैफिक ब्लॉकेड के दौरान एंबुलेंस रोकने की भी कोशिश की, जिसे पुलिस और समझदार ग्रामीणों ने मिलकर सुरक्षित निकाल दिया।


