शादी–विवाह का मौसम शुरू होते ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। स्थिति यह है कि रोजाना सैकड़ों लोग घर लौटने या काम पर वापस जाने के लिए स्टेशन पहुँच रहे हैं, लेकिन कई ट्रेनों में सीट क्या, खड़े होने तक की जगह नहीं बच रही। कई यात्री तो दरवाजे पर लटककर यात्रा करने को मजबूर दिख रहे हैं। शनिवार को रोज की तरह गोरखधाम एक्सप्रेस शाम 4:20 बजे गोरखपुर के प्लेटफॉर्म नंबर 9 से रवाना होनी थी। समय से पहले ही स्टेशन पर यात्रियों की लंबी कतार लग चुकी थी। रेलवे प्रशासन भीड़ को लाइन में लगाने और नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा। ट्रेन आने के बाद प्रशासन ने शुरुआत में सीमित संख्या में लोगों को चढ़ने दिया, ताकि भीड़ संभाली जा सके। लेकिन कुछ ही देर में हालात बिगड़ने लगे, भीड़ अचानक टूट पड़ी। लोग बिना किसी लाइन के धक्कामुक्की करते हुए ट्रेन में घुसने लगे। कुछ यात्री एक-दूसरे को धक्का देकर दरवाजे पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। इस अफरा-तफरी में वहां मौजूद आरपीएफ और रेलवे स्टाफ हालात बेकाबू होते देख भीड़ को रोकने के लिए डंडे भी चलाए। इसी दौरान कई यात्री डर के कारण पीछे हट गए और दोबारा चढ़ने की कोशिश ही नहीं की। एक यात्री ने बताया, “जैसे ही मैं दरवाजे पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, धक्का-मुक्की इतनी ज्यादा थी कि मैं संतुलन ही नहीं रख पाया। तभी आरपीएफ के एक जवान ने गाली देते हुए मेरा कॉलर पकड़ लिया और मुझे पीछे धक्का दे दिया। उस डर के बाद मैं दोबारा चढ़ने की कोशिश ही नहीं कर पाया।” भीड़ इतनी बढ़ गई थी कि कई लोग ट्रेन के अंदर झांककर ही पीछे लौट गए। लगभग 100 से ज्यादा यात्री ट्रेन की भरी हालत देखकर प्लेटफॉर्म से वापस चले गए, क्योंकि अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। स्थिति यह बनी कि जिन्हें जरूरी काम से जाना था, वे भी ट्रेन पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। यात्रियों का कहना है कि छुट्टियों के सीजन में अतिरिक्त ट्रेनें न चलने से रोज ऐसी परेशानियां बढ़ रही हैं।


