चंडीगढ़ में पंजाब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव के दौरान वायरल हुई ऑडियो को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहें है। उन्होंने कहा कि आज 7 दिसंबर है, लेकिन ठीक एक माह पहले 7 नवंबर को तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा दी गई चेतावनी का असर पंजाब में कहीं दिखाई नहीं दे रहा। केजरीवाल ने मंच से ऐलान किया था कि गैंगस्टर सात दिन के भीतर पंजाब छोड़ दें, लेकिन एक महीने बाद भी गैंगस्टरों का आतंक पहले से ज्यादा बढ़ता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टरों ने इस बयान को चेतावनी नहीं, बल्कि खुले चैलेंज के तौर पर लिया। इसके बाद से प्रदेश में लगातार गोलीबारी, एनकाउंटर और हत्याओं का सिलसिला चल पड़ा है। हालात यह हैं कि शायद ही कोई ऐसा दिन गुजर रहा हो, जब किसी जिले से फायरिंग या गैंगवार की खबर सामने न आ रही हो। जाखड़ ने गिनवाई फायरिंग और हत्या की घटनाएं उन्होंने कहा कि आज सुबह लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा पर फायरिंग की घटना सामने आई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, कुछ दिन पहले फिरोजपुर में आरएसएस के कार्यकर्ता नवीन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। नवीन को एक शरीफ और शांत परिवार का सदस्य बताया जा रहा है। इस हत्या के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था। इसके ठीक दो दिन बाद फिरोजपुर में एक बस पर भी फायरिंग की गई, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। इसके अलावा लुधियाना, बंगा और गुरदासपुर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी लगातार हमले हो रहे हैं। व्यापारियों, आम लोगों और सामाजिक संगठनों में डर का माहौल है। लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गैंगस्टरों के हौसले क्यों बुलंद हैं? उन्होंने कहा कि आज के हालात को देखते हुए यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर सरकार के दावों और सख्त चेतावनियों के बावजूद गैंगस्टरों के हौसले क्यों बुलंद हैं। एक माह बीतने के बाद भी अगर अपराध थमने के बजाय बढ़ रहे हैं, तो कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की रणनीति पर सवाल उठना लाजमी है। उन्होंने कहा कि अब कहां हैं अरविंद केजरीवाल।


