गेंहू पीसने के लिए बनाया देसी जुगाड़:बिजली संकट में ट्रैक्टर से जोड़ी आटा चक्की, बिना वोल्टेज के 2-4 घंटे ही बिजली सप्लाई

जैसलमेर के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बिजली का घोर संकट है। हालात इतने बुरे हैं कि लोगों को गेंहू पीसाने के लिए भी बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोगों ने देसी जुगाड़ लगाकर ट्रैक्टर से आटा चक्की को जोड़ा और गेंहू पीस कर आटा बना रहे हैं ताकि परिवार का पेट पाल सके। दरअसल जिले के फतेहगढ़ इलाके के उत्तमनगर के कई गांवों में इन दिनों बिजली का संकट चल रहा है। लोगों को 2-4 घंटे ही घरेलू बिजली मिल रही है। लेकिन उसमें भी पर्याप्त वोल्टेज नहीं होने से घरेलू उपकरण तक काम नहीं करते हैं। ऐसे में लोगों के खाने के लाले तक पड़ गए हैं। गेंहू पीसाने के लिए भी ट्रैक्टर से आटा चक्की को जोड़कर गेंहू पीसे जा रहे हैं, ताकि लोगों को आटा नसीब हो सके। देसी जुगाड़ से चला रहे आटा चक्की जिले की ग्राम पंचायत उत्तमनगर के कराड़ा, लाला, नया अचला, वाटयाडू व मेहराजोत आदि गांवों में बिजली संकट इतना बढ़ चुका है कि ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो चुका है। बिजली के बिना चक्कियां चल नहीं पाती है। ऐसे में गेहूं पीसा नहीं जा रहा है और दो समय का भोजन करने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थितियां विकट होने के कारण गेहूं पीसने के लिए ग्रामीणों ने देशी जुगाड़ बनाया है। ट्रेक्टर के पीछे चक्की जोड़कर ट्रेक्टर से चक्की को चालू कर गेहूं पीसा जा रहा है। ताकि दो समय की रोटी बना सकें। लोगों का कहना है कि बिजली की समस्या के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थाई समाधान की मांग की है। 7 गांव व 120 ढाणीयों में हालात खराब गौरतलब है कि, 33 केवी जीएसएस देवीकोट से निकलने वाले 11 केवी रासला फीडर से जुड़े 7 गांव व 120 ढाणियों के वाशिंदों को 24 घंटे में मात्र 2 से 4 घंटे ही बिजली मिल रही है। उसमें भी वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। रासला में 33 केवी जीएसएस की स्वीकृति मिलने के बाद उसका काम भी धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में किसानों व ग्रामीणों को बिजली संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वोल्टेज कम होने से न तो बल्ब जल पाते है और न ही अन्य उपकरण चल पाते है। यहां तक की मोबाइल चार्ज करना मुश्किल हो गया है और चक्कियां भी बंद है। एक ही फीडर से जुड़े घरेलू व कृषि कनेक्शन जैसलमेर के फतेहगढ़ इलाके की ग्राम पंचायत उत्तमनगर के कराड़ा, लाला, नया अचला, वाटयाडू व मेहराजोत सहित 7 गांव व 120 ढाणियां और करीब 25 कृषि कनेक्शन 11 केवी रासला फीडर से जुड़े हुए है। हालांकि रासला गांव पीएचइडी फीडर से जुड़ा हुआ है। पिछले तीन महीनों से इन गांवों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल शाम को एक घंटे के लिए बिजली आती है। वह भी कम वोल्टेज की वजह से कोई काम नहीं आती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि घरेलू व कृषि कनेक्शन एक ही फीडर से जुड़े हुए हैं। ऐसे में लोड अधिक होने के कारण ट्रिपिंग की भी समस्या बनी हुई है। हालांकि विभाग का दावा है कि घरेलू व कृषि कनेक्शन पर 4 घंटे प्रतिदिन बिजली दी जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि मात्र एक से डेढ़ घंटे ही बिजली दी जा रही है। लोड ज्यादा होने से सिंगल फेस हो रहा ट्रिप जोधपुर विद्युत वितरण निगल लिमिटेड के जेईएन सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि रासला फीडर से घरेलू व कृषि कनेक्शन जुड़े हुए है। थ्री फेस से प्रतिदिन चार घंटे बिजली दी जा रही है। इसके साथ ही सिंगल फेस भी चलाते है। लेकिन लोड अधिक होने से 10 से 15 मिनट में सिंगल फेस ट्रिप हो जाता है।

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