सिंगरौली में सेप्टिक टैंक से चार शव मिलने के मामले में पुलिस को अवैध संबंधों का शक है। चारों लोगों की हत्या गोली मारकर की गई है। मारे गए चार लोगों में से एक- सुरेश प्रजापति हिस्ट्रीशीटर था। जिस मकान के पीछे बने सेप्टिक टैंक से चारों शव मिले, वह सुरेश के पिता हरिप्रसाद प्रजापति का है। इसी मकान में सुरेश के कमरे से आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। एसपी मनीष खत्री का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान शवों का सीटी स्कैन कराया गया था। इनमें गोलियां फंसी मिली हैं। गोली किसी प्रोफेशनल शूटर ने मारी है। इसके बाद शवों को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया। सबूत मिटाने के लिए कमरे से खून भी साफ किया गया है। फिलहाल वारदात का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मामले में 8 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। 12 से ज्यादा अन्य संदेहियों से भी सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। दरअसल, 4 जनवरी को बरगवां थाना इलाके के बड़ोखर गांव में एक मकान के पीछे बने सेप्टिक टैंक से चार लोगों के शव मिले थे। इनकी पहचान सुरेश प्रजापति (39), करण साहू (31), राकेश सिंह (29) और जोगेंदर महतो (37) के रूप में हुई है। चारों ही जयंत इलाके के रहने वाले थे। चाराें आपस में दोस्त थे और न्यू ईयर की पार्टी मनाने सुरेश के मकान पर आए थे। दैनिक भास्कर ने मृतकों के परिवार वालों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… सुरेश प्रजापति: निगरानीशुदा बदमाश था
सुरेश की मां बिट्टी बाई ने बताया- सुरेश जब पैदा हुआ था, तभी हमने यह मकान लिया था। सोचा था कि बेटे के लिए घर हो जाएगा। यहां कोई नहीं रहता। मैं बेटे-बहू के साथ जयंत इलाके में रहती हूं। सुरेश को 12 साल का बेटा और 6 साल की बेटी है। पिता नेशनल कोल माइंस लिमिटेड (NCL) में कर्मचारी थे। उनका चार महीने पहले निधन हो चुका है। 1 जनवरी को बेटे ने बहू को मायके भेज दिया था। फिर इस मकान पर जाने की बात कहकर निकल आया। तीन दिन तक उससे संपर्क नहीं हुआ। हमने सोचा कि मकान पर होगा। बाकी तीनों भी उसी के दोस्त थे। हमारा किसी से विवाद नहीं था। पुलिस के मुताबिक, सुरेश के खिलाफ अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, मारपीट और आर्म्स एक्ट के 8 मामले दर्ज हैं। वह हिस्ट्रीशीटर बदमाश की सूची में शामिल था। राकेश सिंह: मां के साथ मजदूरी करने जाता था
राकेश की मां संपतिया ने बताया, ‘वह 1 जनवरी को घर से सुबह 6 बजे निकला था। कहा था कि दोस्त राजा के साथ बरगवां जा रहा हूं। शाम को फोन किया तो बताया कि मैं दोस्त के साथ पार्टी में हूं। सुबह आ जाऊंगा। 2 जनवरी की सुबह फिर बात हुई। उसने जल्दी घर आने के लिए कहा। इसी दिन रात करीब 8 बजे बात हुई। कहा- सुबह यानी 3 जनवरी को आ जाऊंगा। मैंने उसे डांटा और जल्दी घर आने के लिए कहा। राजा से भी बात कराने के लिए कहा लेकिन राकेश टाल गया। फिर मैंने राजा को कॉल किया। राजा ने बताया था कि सुरेश के मकान पर गए थे। वे लोग शराब पार्टी कर रहे थे। नॉनवेज भी बनाया था। माहौल गड़बड़ देख मैंने राकेश को चलने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। फिर मैं उसे छोड़कर वापस आ गया। राकेश की शादी करीब ढाई साल पहले हुई थी। उसे भी एक बेटा है और एक बेटी है। वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। मेरे साथ मजदूरी करने जाता था। दोनों की कमाई से घर चलता था। जोगेंदर सिंह: 30 दिसंबर को झारखंड से लौटा था
रिश्तेदार राजा साहू ने बताया- जोगेंदर झारखंड में रहकर मजदूरी करता था। घर के लोग उससे पहले से ही नाराज थे, क्योंकि वह बिना बताए करीब एक साल पहले भागकर झारखंड चला गया था। वह सिर्फ 10वीं पास था। उसे एक बेटा और एक बेटी है। जोगेंदर झारखंड में मजदूरी करने लगा था। एक साल बाद 30 दिसंबर को लौटा था। 1 जनवरी की सुबह 6 बजे घर से बरगवां जाने के लिए कहकर निकला था। जोगेंदर, करण का जीजा था। करण साहू: हलवाई था, अकसर घर से बाहर रहता था
करण की पत्नी सोनाली साहू ने बताया, ‘साल 2013 में शादी हुई थी। जयंत इलाके में पति और दो बच्चों के साथ रहते हैं। पति हलवाई का काम करते थे। अक्सर बाहर रहते थे। कई बार एक से दो दिन तक घर नहीं आते थे। 1 जनवरी को बरगवां जाने के लिए कहकर घर से निकले थे। 2 जनवरी की शाम करीब 6 बजे घर आकर बच्चों को बाजार लेकर गए थे। बाजार से बच्चों को चाऊमीन और केक देकर सुरेश प्रजापति के साथ चले गए थे। चारों शव पर चोट और संघर्ष के निशान
फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा- सभी लाशों पर चोट के निशान हैं। नुकीली चीज से सिर और चेहरे पर वार किए गए हैं। शवों पर संघर्ष के निशान ज्यादा नहीं हैं। कमरे में खून के छींटे भी मिले हैं। कुछ खाना भी मिला है, जिसे सैंपल के लिए भेजा गया है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि युवक या तो सो रहे थे या बेहोशी की हालत में थे। ऐसी स्थिति में 1 से 2 लोग ही इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए काफी हैं। वारदात में करीबी के शामिल होने का अंदेशा
रीवा रेंज के डीआईजी साकेत पांडे ने बताया, ‘वारदात में कोई करीबी ही शामिल हो सकता है, जो सभी लोगों को अच्छे से जानता था। सुरेश प्रजापति और उसके कुछ दोस्तों के कपड़ों से वियाग्रा की गोली समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है। यह भी बताया जा रहा है कि यहां जिस्मफराेशी का कारोबार चल रहा था। फिलहाल पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। हर एंगल पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कह पाना संभव होगा। एएसपी शिवकुमार वर्मा के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी गई है। आरोपियों पर 25 हजार रुपए का इनाम भी रखा है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 4 शव मिलने के मामले में भाई-भाभी पर शक सिंगरौली में सेप्टिक टैंक से चार शव मिलने के मामले में पुलिस एक दंपति को पूछताछ के लिए थाने लाई है। इनमें से पति बिहारी, एक मृतक सुरेश प्रजापति की मौसी का लड़का है। पुलिस को सुरेश के कमरे से खून के धब्बे भी मिले हैं। कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। पढ़ें पूरी खबर… एमपी के सिंगरौली में सेप्टिक टैंक में मिली 4 लाशें
सिंगरौली में एक मकान के पीछे बने सेप्टिक टैंक में चार लोगों के शव मिले हैं। इनमें से एक मकान मालिक का बेटा है। वह नए साल पर सुबह तीन दोस्तों के साथ घर से निकला था। लोगों ने शनिवार को बदबू आने के बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पुलिस बल और फोरेंसिक टीम भी पहुंची। टैंक के पास जेसीबी से पैरलल गड्ढा खोदकर शवों को बाहर निकाला गया। पढ़ें पूरी खबर…


