इंदौर में चार दिनों से ठंड का असर काफी कम हो गया है। दिन और रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। रविवार को दिन का तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस (+4) और रात का तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस (+1) रिकॉर्ड किया गया। सोमवार सुबह से मौसम साफ है और विजिबिलिटी 1300 मीटर तक थी। धूप खिलने के साथ ठंड का असर कम हुआ। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि अगले दो-तीन दिनों में तापमान में गिरावट हो सकती है, जिससे सर्दी का असर फिर बढ़ सकता है। रविवार को तेज धूप के साथ 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, लेकिन ठंड का कोई खास असर नहीं देखा गया। रात का तापमान भी 1 डिग्री बढ़ा है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव के अनुसार, मंगलवार से दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इस समय उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जिससे बर्फीली हवा प्रदेश में आनी शुरू होगी, और उसकी रफ्तार तेज होगी, जिससे ठंड का असर बढ़ सकता है। इंदौर में जनवरी में मावठा यानी बारिश होने का ट्रेंड है, और इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 12 जनवरी से प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है, जो उत्तर-पश्चिम भारत में 10 जनवरी को सक्रिय होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से हो सकता है। एक हफ्ते का तापमान अभी जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख में बर्फबारी हो रही है, जिसके कारण सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। रविवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलती रही, लेकिन इसका इंदौर और आसपास पर कोई खास असर नहीं पड़ा। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी, जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा।


