बांसवाड़ा में घर के बाहर अलाव ताप रहे एक किशोर पर अचानक लेपर्ड ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजन बचाने के लिए दौड़े तो लेपर्ड भागकर एक घर में घुस गया, जिसे लोगों ने दरवाजा बंद कर कैद कर दिया। वन विभाग की टीम के रेस्क्यू शुरू करने से पहले ही लेपर्ड की घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला कलिंजरा थाना क्षेत्र के हिरजी दईड़ा गांव का है। यह घटना रविवार सुबह करीब 8 बजे हुई। हमले के बाद भागकर घर में घुसा जानकारी के अनुसार, शांतिलाल (15) पुत्र मीठा लाल मईड़ा अपने घर के बाहर अलाव ताप रहा था, तभी लेपर्ड ने अचानक हमला कर दिया। चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन बचाने के लिए दौड़े तो लेपर्ड वहां से भागकर एक घर में घुस गया। परिजनों ने तुरंत दरवाजा बंद कर उसे अंदर कैद कर दिया। घायल शांतिलाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। उसके शरीर पर कई गहरे घाव हैं, जिनमें से कुछ पर टांके लगाने पड़े हैं। एक घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम बांसवाड़ा के DFO अभिषेक शर्मा ने बताया कि लेपर्ड हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सुबह करीब 9 बजे मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पैंथर के घर में घुसते ही दरवाजा बंद कर उसे अंदर कैद कर दिया था। लेपर्ड ने उल्टी करने के बाद दम तोड़ा DFO के अनुसार, जब टीम पहुंची तो लेपर्ड की स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी। रेस्क्यू प्रक्रिया शुरू करने से पहले ही लेपर्ड ने कमरे के अंदर ही उल्टी की और उसकी मौत हो गई। हालांकि उसके शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट या घाव के निशान नहीं मिले हैं। वन विभाग ने लेपर्ड के शव को बांसवाड़ा हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। अधिकारी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। कमरे में जहरीला पदार्थ खाने की आशंका आशंका है कि कमरे में लेपर्ड को बंद करने के बाद वहां रखा कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। कमरे में खाने-पाने सहित सारा सामान बिखरा हुआ था।


