रायगढ़ में कोल खदान का विरोध जारी:14 गांव के ग्रामीण धरने पर बैठे; जनसुनवाई निरस्त करने की मांग पर अड़े

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में प्रस्तावित गारे-पेलमा कोल ब्लॉक सेक्टर-1 की जनसुनवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया हैं। पिछले 2 दिनों से ग्रामीण जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। इस आंदोलन में तकरीबन 14 गांव के ग्रामीण शामिल हैं। तमनार ब्लॉक में जिंदल पावर लिमिटेड को आबंटित कोयला खदान की जनसुनवाई 8 दिसंबर को धौराभांठा मैदान में होनी है। जिसे लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी है और वे नहीं चाहते कि कोई भी कंपनी या कोयला खदान इस क्षेत्र में खुले। प्रदूषण, सड़क हादसे की वजह से विरोध 6 दिसंबर की शाम से 14 गांव के ग्रामीण धौराभांठा स्कूल मैदान में आंदोलन पर बैठ गए। इसमें झरना, आमगांव, कोसमपाली, पतरापाली, जांजगीर, गोढ़ी, कसडोल, महलोई, सरसमाल समेत कई गांव के लोग शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तमनार और आसपास के क्षेत्र पहले से ही कंपनियों की वजह से प्रदूषित हो चुके हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ते जा रही है। यही नहीं जल-जंगल और जमीन तेजी से नष्ट हो रहे हैं। ऐसे में उनका कहना है कि वे किसी भी हाल में अपनी जमीन पर नहीं देंगे और क्षेत्र में नए कोयला खदान का हर हाल में विरोध करेंगे। पहले भी कर चुके आंदोलन इससे पहले भी ग्रामीणों ने इस कोल ब्लाॅक को लेकर विरोध किया था। रैली निकाल कर जमकर विरोध जताया था। जिसके बाद प्रशासन को जनसुनवाई को स्थगित करना पड़ा था। वहीं अब इसके लिए फिर से तारीख तय हो गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। कड़ाके की ठंड में रात यहीं बिता रहे ग्रामीण आंदोलनकारी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि करीब 14 गांव के ग्रामीण अपना विरोध दर्ज कर रहे हैं। आंदोलन के शुरू होने के बाद से सभी स्कूल मैदान में हैं और यहीं इनका खाना बन रहा है। साथ ही रात में इस कड़ाके की ठंड में भी ग्रामीण यहां आंदोलन में बैठे हुए हैं। कोई नहीं चाहता कि अब नया कोल ब्लाॅक आए। इसलिए ग्रामीण जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *