जिला मुख्यालय बारां और शाहाबाद में संचालित कृषि कॉलेजों को खुले तीन साल से अधिक हो गए हैं। अब चौथा सत्र शुरू होने की तैयारी है, लेकिन दोनों कॉलेज अभी भी व्याख्याताओं की कमी से जूझ रहे हैं। तीन साल बीतने के बावजूद इन कॉलेजों के लिए भवन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि दोनों कॉलेजों में लैब और अन्य आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों के महत्वपूर्ण विषयों के प्रैक्टिकल नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और परिणामों पर पड़ रहा है। निर्माण की धीमी गति के कारण काम अधूरा सरकार ने करीब तीन साल पहले बारां और शाहाबाद में कृषि कॉलेज खोले थे। इन कॉलेजों के संचालन के लिए भवन तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण की धीमी गति के कारण काम अभी भी अधूरा है। इस कारण दोनों कॉलेज अस्थाई भवनों में संचालित हो रहे हैं। बारां कृषि कॉलेज को बॉयज कॉलेज परिसर स्थित कन्या छात्रावास में चलाया जा रहा है, जबकि शाहाबाद कृषि कॉलेज का संचालन केलवाड़ा से हो रहा है। वर्तमान में दोनों कॉलेजों में तीनों बैच के कुल 174-174 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्वीकृत फैकल्टी के 12 पद खाली दोनों ही कॉलेजों में टीचिंग फैकल्टी और अन्य कर्मचारियों के पद रिक्त चल रहे हैं, जिसके कारण कॉलेज कार्यवाहक प्रिंसिपलों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। तीन साल बाद भी स्वीकृत फैकल्टी के 12 पद खाली हैं। पढ़ाई के लिए केवल विद्या संबल योजना के तहत दो-दो अस्थाई फैकल्टी लगाई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आगामी कुछ ही दिनों में काउंसलिंग के बाद नए सत्र में 60-60 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे में संसाधनों के अभाव में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने से मौजूदा अस्थाई भवनों में स्थान की समस्या और बढ़ जाएगी। एक कॉलेज में 29 का स्टाफ स्वीकृत
जिले में बारां और शाहाबाद में कृषि कॉलेज की घोषणा के बाद स्टाफ की भी स्वीकृति दी थी। एक कृषि कॉलेज में 29 पदों के स्टाफ की स्वीकृति जारी की थी। जिसमें 1 पद प्राचार्य, 2 पद सह-आचार्य, 10 पद सहायक आचार्य, 1 पद सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, 1 पद निजी सहायक, 1 पद सहायक लेखाधिकारी-द्वितीय, 1 पद प्रशासनिक अधिकारी, 1 पद वरिष्ठ सहायक, 1 पद कनिष्ठ सहायक, 1 पद फार्म मैनेजर, 1 पद प्रयोगशाला सहायक, 1 पद कृषि पर्यवेक्षक, 4 पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा वाहन चालक और मशीन विद मैन के 1-1 पद की स्वीकृति जारी की थी, लेकिन अब तक एक भी में पद पर किसी को भी नहीं लगाया है। बारां कॉलेज महज एएओ की पोस्ट पर एक कार्मिक कार्यरत है। शेष सभी पद रिक्त चल रहे हैं। कार्यवाहक प्रिंसिपल राजेंद्र मीणा ने बताया कि कृषि कॉलेज के लिए भवन निर्माण चल रहा है। आगामी कुछ ही दिन बाद नए भवन में कॉलेज शिफ्ट कर दिया जाएगा। पढ़ाई के लिए दो गेस्ट फैकल्टी लगाई हुई है। स्टाफ व लैब आदि संसाधनों की कमी के चलते परेशानी रहती है। इस संबंध में समस्या को लेकर आयुक्तालय को अवगत करवाया गया है।


