कांग्रेस ने जलाया भाजपा सरकार का पुतला:बागबाहरा के किसान को लेकर किया प्रदर्शन

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आज उरला में आज सरकार का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया, यह प्रदर्शन धान खरीदी में चल रही अव्यवस्थाओं और बागबाहरा के किसान के आत्महत्या के प्रयास के विरोध में किया गया, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पंकज शर्मा , विकास उपाध्याय,प्रमोद दुबे,शहर अध्यक्ष श्री कुमार मेनन, शिव सिंग ठाकुर,विनोद कश्यप, दीपेश सिंह, योगेंद्र सोलंकी, डीगेंद्र, सिन्हा, कृपा राम निषाद, बाबा खान,लखन साहू,आदि उपस्थित रहे। क्या था मामला छत्तीसगढ में महासमुंद जिले के ग्राम सेनभाठा (बागबाहरा) के 65 वर्षीय किसान मनबोध गांडा ने धान बेचने हेतु टोकन न मिलने से परेशान होकर अपने ही गले पर ब्लेड से हमला कर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना शनिवार की है जब किसान घर से गाय चराने निकला था और पास के खेत में जाकर गले पर ब्लेड चला लिया। कुछ ही देर में ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली जिन्होंने परिजनों को सूचना दी। घायल किसान को 112 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए महासमुंद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। फिलहाल किसान का इलाज रायपुर के मेकाहारा में चल रहा है, और ऑपरेशन के बाद उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, फिलहाल उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। कल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने किसान के परिवार से की थी मुलाकात महासमुंद जिले के घायल किसान मनबोध गाड़ा से मुलाकात करने कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल अंबेडकर अस्पताल पहुंचा था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित प्रतिनिधिमंडल ने किसान के परिवार से मुलाकात की। भूपेश बघेल ने कहा कि किसान सरकार की किसान-विरोधी नीतियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त है और किसान इस व्यवस्था को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। धान खरीदी को लेकर भूपेश बघेल ने सरकार पर लगाए आरोप भूपेश बघेल ने कहा कि खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी, तौल में गड़बड़ी और वजन घटतौली जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। इसके अलावा, धान के लिए की जाने वाली वसूली भी विवाद का कारण बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी समस्या किसानों को टोकन को लेकर हो रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में किसान अपने टोकन नहीं कटवा पा रहे हैं और खरीदी की सीमा कम होने से स्थिति और जटिल हो गई है। इसी कारण महासमुंद के बागबाहरा के मनबोध गाड़ा लगातार चॉइस सेंटर और समिति के चक्कर लगाते रहे, लेकिन टोकन न मिलने के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। मनबोध के पास केवल 1 एकड़ 40 डिसमिल खेत है। भूपेश बघेल ने कहा कि यह सरकार के लिए करारा तमाचा है और पहली बार ऐसा हुआ है कि किसान को अपने गले को नुकसान पहुंचाने तक मजबूर होना पड़ा।

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