कुटुंब प्रबोधन गतिविधि की अखिल भारतीय बैठक के अंतिम दिन रविवार को ओंकारेश्वर स्थित नर्मदा किनारे मार्कंडेय आश्रम में भारत माता पूजन हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत ने भारत माता व आदि शंकराचार्य जी का पूजन किया। भारत माता पूजन के महत्व व उद्देश्य को प्रतिपादित करते हुए सरसंघचालक ने कहा भारत भूमि हमारा पालन पोषण, संरक्षण व संवर्धन करती है। भारत भूमि में जन्म लेने वाले हर जन में सेवा का स्वाभाविक संस्कार है। भारत माता का पूजन मतलब भारत में रहने वाले जन, जमीन, जंगल, जल व जानवरों की सेवा और सुरक्षा करना है। पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण व संवर्धन भारत माता पूजन से मिलने वाली प्रेरणा है। उन्होंने समाज सेवा का आह्वान किया। गृहस्थ आश्रम को धर्म की धुरी बताते हुए कहा जो जिस भी स्थिति में है उसे समाज की सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए।


