पीओके स्थित शारदा पीठ से शुरू हुई महाकुंभ अमृत कलश यात्रा के करौली पहुंचने पर उत्साह पूर्वक स्वागत किया गया। इस दौरान पीठाधीश्वर रुद्रनाथ महाकाल विशाल महाराज के सानिध्य में यात्रा कलक्टरी सर्किल से मदन मोहन मंदिर तक निकल गई। शहर में जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा के करौली पहुंचने पर पुराने कलेक्ट्रेट चौराहा क्षेत्र में विप्र फाउंडेशन द्वारा अगवानी की गई। रुद्रनाथ महाराज सहित अन्य लोगों ने जन जन के आराध्य मदन मोहन मंदिर में धोक लगाकर भगवान से समृद्धि और खुशहाली की कामना की। यात्रा पीओके शारदा पीठ से महाप्रयाग तक निकाली जा रही है। अमृत कलश यात्रा महाकुंभ में जाकर संपन्न होगी। रुद्रनाथ महाराज ने बताया कि अमृत कलश यात्रा पीओके स्थित शारदा पीठ से प्रारंभ हुई है। यात्रा देश के विभिन्न राज्यों में स्थित तीर्थ स्थल से होकर चली आ रही है। अमृत कलश यात्रा का महाकुंभ प्रयागराज में समापन होगा। यात्रा समापन पर अमृत कलश प्रयागराज में स्थापित किया जाएगा। यात्रा सनातन संस्कृति अखंड भारत सेतुबंध अभियान के तहत निकाली जा रही है। वर्तमान में जो हिंसा के वातावरण बना हुआ है और संस्कृति का विनाश हो रहा है। उसे रोकने और आमजन को जागृत करने, विश्व का कल्याण करने के उद्देश्य यात्रा निकाली जा रही है। साथ ही सनातन संस्कृति की ज्ञान ज्योति को विश्व में स्थापित करने और धर्म की रक्षा के उद्देश्य से यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान विप्रो फाउंडेशन के वेद प्रकाश उपाध्याय, ब्राह्मण समाज अध्यक्ष मदन मोहन पचौरी, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश राजोरिया, सतवीर चंदीला सहित अन्य मौजूद रहे।


