परिवार बोला-गैंगस्टर की तरह कनपटी पर 4 गोलियां मारी:सिपाही ने हेड कॉन्स्टेबल की हत्या की, 23 साल की दोस्ती थी; पत्नी ने कहा-भगवान माफ नहीं करेंगे

“जिस दोस्त पर जान छिड़कता था, उसी ने गैंगस्टर की तरह मेरे भाई की कनपटी में चार गोलियां उतार दीं… उसे फांसी होनी चाहिए।” यह शब्द हैं मृतक आरपीएफ जवान पीके मिश्रा के भाई रामकिशोर के, जिनकी आवाज शुक्रवार को भाई के अंतिम संस्कार के दौरान टूटती रही। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पदस्थ प्रधान आरक्षक पीके मिश्रा की उनके ही पुराने साथी आरक्षक केएस लदेर ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद गुरुवार शाम पार्थिव शरीर जब रायगढ़ से रीवा पहुंचा, तो घर में कोहराम मच गया। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार
शुक्रवार सुबह आरपीएफ जवान पीके मिश्रा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 19 वर्षीय बेटे दीप ने कांपते हाथों से पिता को मुखाग्नि दी। पत्नी शशिकला बेसुध रहीं, जबकि 15 साल की बेटी दीपिका लगातार रोती रही। भास्कर टीम ने आरपीएफ जवान पीके मिश्रा के परिवार से बात की तो परिजनों का दर्द झलक पड़ा…पढ़िए पूरी रिपोर्ट… कुर्सी पर बैठे थे मिश्रा, दोस्त ने मारी गोलियां
बुधवार तड़के रायगढ़ आरपीएफ पोस्ट में यह सनसनीखेज घटना हुई। रीवा निवासी पीके मिश्रा ऑफिस की कुर्सी पर बैठे थे। तभी उनके 2002 बैच के पुराने दोस्त आरक्षक केएस लदेर ने मालखाना से पिस्टल निकालकर उन पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। तीन गोलियां सिर और गले को आर-पार कर गईं, जबकि चौथी आंख के पास से छूकर निकली। मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर जब अन्य जवान पहुंचे, तो आरोपी पिस्टल हाथ में लिए वहीं बैठा मिला। उसने खुद कहा कि मैंने ही गोली मारी है। इसके बाद GRP ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। देखिए तीन तस्वीरें… मामूली विवाद के बाद भड़क उठा था आरोपी
शुरुआती जांच में सामने आया है कि रात में किसी मामूली नोक-झोंक के बाद आरोपी अचानक उग्र हो गया। इसी गुस्से में उसने हत्या जैसी वारदात को अंजाम दे डाला। पोस्ट के कांच के दरवाजे पर गोलियों के निशान, खून के छींटे और तीन खाली खोखे मिले हैं। पत्नी बोलीं– हमारे सारे सपने उन्हीं के साथ खत्म हो गए
आरपीएफ जवान की पत्नी शशिकला ने बताया कि उनका 19 साल का बेटा दीप और 15 साल की बेटी दीपिका- दोनों ही पिता के सपनों की दुनिया थे। वे अक्सर कहा करते थे- बिटिया बड़ी होगी तो उसकी शादी खूब धूमधाम से करेंगे, बेटे को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाएंगे…मैं तुम लोगों के लिए ही तो मेहनत करता हूं। कौन जानता था कि एक दरिंदे की नजर इस परिवार की खुशियों पर पड़ जाएगी। शशिकला बोलीं- पलभर में हंसता-खेलता घर उजाड़ दिया। हमारे सपने, हमारी खुशियां सब खत्म हो गईं। अब वो नहीं रहे तो जिंदगी कभी पहले जैसी नहीं होगी। बच्चों के भविष्य, उनकी पढ़ाई, सबके सपने उन्हीं के साथ चले गए। 23 साल पुरानी दोस्ती, ‘मितान’ कहकर बुलाते थे
मिश्रा और लदेर दोनों 2002 बैच के आरक्षक थे। ट्रेनिंग और शुरुआती पोस्टिंग से दोनों की दोस्ती गहरी थी। वे एक-दूसरे को ‘मितान’ यानी सच्चा दोस्त कहते थे। करीब साढ़े चार साल से दोनों रायगढ़ में साथ तैनात थे। फरवरी 2026 में दोनों का ट्रांसफर होना था, लेकिन उससे पहले ही दोस्ती खून में बदल गई। आरोपी पहले भी रह चुका विवादों में, जेल जा चुका
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आरक्षक केएस लदेर का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2019 में बिलासपुर में उसने अपने पोस्ट प्रभारी को तलवार से धमकाया था। इस मामले में वह गिरफ्तार होकर करीब दो साल जेल में रहा और सस्पेंड भी हुआ। बाद में सेवा में बहाली के बाद उसे रायगढ़ पोस्टिंग मिली थी। 3 गोलियां आर-पार, एक आंख के पास से निकली
फॉरेंसिक अधिकारी पी.एस. भगत के मुताबिक, मिश्रा को चार गोलियां लगीं। तीन गोलियां कान के पास सिर में लगकर गले से बाहर निकलीं। चौथी गोली दाईं आंख के पास से छूते हुए निकल गई। मौके से एक जिंदा कारतूस और तीन खाली खोखे भी जब्त किए गए हैं। आईजी बोले– हर एंगल से हो रही जांच
आरपीएफ आईजी मुनव्वर खुर्शीद ने बताया कि पोस्ट का सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और हथियार जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी पुलिस कस्टडी में है। हत्या के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। हर पहलू से जांच जारी है। संबंधित खबर भी पढ़ें… RPF जवान ने हेड कॉन्स्टेबल को 4 गोली मारी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ रेलवे स्टेशन में RPF पोस्ट के भीतर ड्यूटी के दौरान हेड कॉन्स्टेबल ने अपने ही साथी प्रधान आरक्षक पर गोली चला दी। गोली लगने से पीके मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलाने वाले जवान का नाम एस लादेर है। वह जांजगीर-चांपा का रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर…

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