नागरिक आपूर्ति निगम (नान) द्वारा फोर्टिफाइड राइस की सप्लाई के लिए दिए गए टेंडर में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। हाल ही में निगम द्वारा 5985 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सप्लाई का ठेका कुल 6 कंपनियों को दिया है, जो अलग-अलग जिलों में सप्लाई करेंगी, जबकि यूपी में यही ठेका 4200 रुपए प्रति क्विंटल और पंजाब में 4145 रुपए प्रति क्विंटल में दिया गया है। यानि मप्र में सप्लाई 1800 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक दर पर की जाएगी। मप्र में कुल 3.5 करोड़ क्विंटल चावल की सप्लाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली में होनी है। इसका 1% यानि 3.5 लाख क्विंटल निजी मिलर्स से लेकर पीडीएस दुकानों से बंटने वाले चावल में मिले जाएगी। इसकी सप्लाई के लिए कुल टेंडर्स बुलाए गए थे और टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन, धुलाई आदि मिलाकर 5985 रुपए के न्यूनतम रेट फाइनल किए गए हैं। अन्य राज्यों के औसत रेट 4200 रुपए माने जाएं तो मप्र में सप्लाई होने पर लगभग 63 करोड़ अधिक भुगतान सरकार को करना होगा। हालांकि मप्र में अभी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। अभी तक मिलर्स खरीदते थे, सरकार 47 रु. किलो देती थी बीते साल तक धान मिलर्स लोकल कंपनियों से 47 रुपए किलो के हिसाब से फोर्टिफाइड राइस लेकर राशन के चावल में मिलाते थे, बाद में सरकार इस पैसे का भुगतान कर देती थी। अब मिलर्स को भी सीधा चयनित निजी कंपनियों को एडवांस भुगतान देकर माल खरीदना होगा। अलग-अलग जिलों में निजी कंपनियां सप्लाई के लिए अधिकृत की जाएंगी। रायसेन की हाइपो एग्री, मैजेस्टिक बासमती और दावत फूड्स लिस्ट में शामिल हैं। हरियाणा की फ्लोर टेक इंजीनियर्स, राजस्थान की जेवीएएस फूड्स और यूपी की अन्नपूर्णा एग्रो भी सप्लाई करेंगी। कुछ अनसुलझे सवाल.. जिस रेट पर रायसेन की 3 कंपनियां सप्लाई कर रही, उसी पर हरियाणा, राजस्थान और यूपी जैसे दूरदराज राज्यों से सप्लाई को तैयार हैं, जबकि परिवहन खर्च बहुत अधिक होगा। केंद्र के फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया पूरे देश में एक जैसा माल सप्लाई कराती है। जीएसटी भी एक जैसा तो सिर्फ परिवहन खर्चे के आधार पर अलग-अलग राज्यों के टेंडर में 2 से 3 हजार का अंतर है। स्थानीय कंपनियां 47 रुपए में सप्लाई कर देती थीं तो वो टेंडर में क्यों नहीं आ पाईं? केंद्र के आदेश… कुपोषण से लड़ने के लिए पूर्व में जारी केंद्र के निर्देशों के मुताबिक पीडीएस, पीएम पोषण आदि कई योजनाओं में 100:1 के अनुपात में राशन के चावल में ये फोर्टिफाइड चावल मिलाना आवश्यक है। केंद्र के निर्देश पर सभी प्रावधान-नियमों के तहत टेंडर किए हैं। केंद्र 73 रुपए किलो तक पुनर्भुगतान कर देता है। राज्यों में अलग- अलग रेट आए हैं, कहीं मप्र से ज्यादा रेट भी हैं। तेलंगाना में 6075 तो ओडिशा में 7 हजार पर टेंडर हुए हैं। -अनुराग वर्मा, एमडी-नागरिक आपूर्ति निगम


