देश-दुनिया में पहचान रखने वाले जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (JIFF) ने इस साल के संस्करण में सिनेमा जगत के दो दिग्गजों को श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया है। फेस्टिवल में “किंग ऑफ रोमांस” कहे जाने वाले फिल्म निर्माता यश राज चोपड़ा को आउटस्टैंडिंग लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा, वहीं समानांतर सिनेमा के दिग्गज श्याम बेनेगल को उनकी अद्वितीय कृतियों के लिए विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह फेस्टिवल 17 से 21 जनवरी 2025 तक जयपुर की पांच लोकेशन पर आयोजित होगा। भारतीय सिनेमा के किंग ऑफ रोमांस जिफ के फाउंडर हनुरोज ने बताया कि यश राज चोपड़ा ने भारतीय सिनेमा को न केवल रोमांटिक फिल्मों की एक नई परिभाषा दी, बल्कि अपने सामाजिक मुद्दों पर आधारित निर्देशन से भी दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। उनकी कालजयी कृतियों में वक्त (1965), दीवार (1975), कभी-कभी (1976), सिलसिला (1981) और वीर-जारा (2004) जैसी फिल्में शामिल हैं।फेस्टिवल आयोजकों ने बताया कि यश चोपड़ा की फिल्मों ने न केवल भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया, बल्कि उन्होंने सामाजिक मुद्दों, प्रेम और मानवीय भावनाओं को बारीकी से दर्शाने का काम किया। JIFF 2025 में उनके योगदान को सम्मानित करना सिनेमा की दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक पल होगा। श्याम बेनेगल भारतीय सिनेमा में समानांतर सिनेमा आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे। उनकी पहली फिल्म अंकुर (1974) ने भारतीय सिनेमा को सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित नई दिशा दी। उनकी अन्य प्रसिद्ध फिल्मों में मंथन, निशांत, भूमिका और जुनून शामिल हैं।बेनेगल की टीवी सीरीज “भारत एक खोज” भारतीय संस्कृति और इतिहास की अद्वितीय प्रस्तुति रही। उन्होंने फिल्म निर्माण के साथ ही फिल्म फेस्टिवल्स को भी नई पहचान दी। जिफ के प्रवक्ता राजेंद्र बोड़ा ने कहा कि श्याम बेनेगल ने भारतीय फिल्म फेस्टिवल्स को सही दिशा में ले जाने के लिए अद्वितीय योगदान दिया। जिफ का लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2011 में स्थापित किया गया था। इससे पहले यह पुरस्कार आशा पारेख, जया बच्चन, दिलीप कुमार, और शर्मिला टैगोर जैसे दिग्गजों को दिया जा चुका है। 2025 में यह प्रतिष्ठित सम्मान यश चोपड़ा को उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए समर्पित किया जाएगा। जिफ 2025 भारतीय और वैश्विक सिनेमा की विरासत का उत्सव मनाएगा। यह फेस्टिवल न केवल यश राज चोपड़ा और श्याम बेनेगल जैसे दिग्गजों के काम को सम्मानित करेगा, बल्कि सिनेमा के जरिए समाज और संस्कृति को जोड़ने के महत्व को भी रेखांकित करेगा।फेस्टिवल के आयोजक हनु रोज ने कहा कि जिफ का उद्देश्य केवल फिल्में दिखाना नहीं है, बल्कि सिनेमा की समृद्ध विरासत और सृजनात्मकता का जश्न मनाना है।


