अशोकनगर में जिला पंचायत सीईओ ने कर वसूली में लापरवाही का आरोप लगाते हुए 35 पंचायत सचिवों की एक-एक वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोक दी है। आरोप है कि ग्राम पंचायतों में कर वसूली सही तरीके से नहीं की गई, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। इस निर्णय के विरोध में सोमवार को पंचायत सचिव कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां मध्यप्रदेश सचिव संगठन के बैनर तले सचिवों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और विरोध जताया। ज्ञापन में सचिवों पर की गई धारा 92 की कार्रवाई वापस लेने और निलंबित साथियों की बहाली की मांग की गई है। संगठन ने रोकी गई वेतन वृद्धि तत्काल बहाल करने और जल्द आदेश जारी करने की अपील भी की। वहीं सचिवों का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायतों में कर की वसूली कर राशि खातों में जमा कर दी थी। रसीद की प्रति जिला पंचायत कार्यालय में भी जमा कराई गई थी, बावजूद इसके वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई कर दी गई।


