आउटसोर्स-अस्थाईकर्मियों के प्रदर्शन की छिंदवाड़ा से शुरूआत:मंगलवार को सभी जिलों में कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन होगा

सम्मानजनक वेतन, नौकरी में सुरक्षा व एरियर सहित पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन देन की मांग को लेकर आउटसोर्स एवं अस्थाई कर्मचारियों ने आंदोलन के अगले चरण का आगाज छिंदवाड़ा से कर दिया है। सोमवार को इन कर्मचारियों ने छिंदवाड़ा में रैली निकाली और मुख्यमंत्री व श्रम मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने कलेक्टोरेट पहुंचे। सभी कर्मचारी बैरिकेटिंग के कारण सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि कलेक्टर नहीं मिले, तो धरना जारी रखा जाएगा। वहीं मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इंदिरा तिराहे पर धरने के बाद कर्मचारियों ने रैली निकाली और कलेक्टोरेट पहुंच गए। इससे पहले सभा की गई, जिसमें शर्मा ने कहा कि विभागों में काम करने वाले लाखों अस्थाई और आउटसोर्स कर्मचारियों से संविधान में मिले सम्मानजनक वेतन और नौकरी में सुरक्षा का अधिकार तक छीन लिया है। उन्हें वह वेतन नहीं दिया जा रहा है, जो खुद सरकार ने तय किया है। ग्राम पंचायतों के चौकीदार, पंप आपरेटर, भृत्य, स्कूलों एवं छात्रावास के अंशकालीन, अस्थाई कर्मियों से 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन पर काम लिया जा रहा है। सरकार का अकुशल कामगार को दिया जाने वाला न्यूनतम वेतन 11800 रुपए है, जो इन्हें नहीं मिलता है। नौकरियों में आउटसोर्स, अस्थाई प्रथा ने प्रदेश के लाखों आउटसोर्स, अस्थाई कर्मचारियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है, जबकि यह कर्मचारी बिजली, स्वास्थ्य जैसी आपातकालीन सेवाओं में कुशलतापूर्वक अपना योगदान दे रहे हैं। जब ये कर्मचारी संगठित होकर न्याय मांगते हैं, तब कंपनियां, अधिकारी उन्हें नौकरी से निकालने की धमकियां देते हैं, यह एक तरह की गुलामी है, जो सरकारी विभागों में खुद सरकार अपने ही कर्मचारियों से करा रही है। शर्मा ने बताया कि लाखों कर्मचारी श्रमिकों के साथ न्यूनतम वेतन में बड़े स्तर पर धोखेबाजी की जा रही है। 5 साल में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण करना अनिवार्य है। साल 2019 में पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन सरकार ने अप्रैल 2024 से लागू किया। 2024 में सरकार को पुन:न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण करना चाहिए। अप्रैल-24 से लागू पुनरीक्षण न्यूनतम वेतन एरियर दिया जाए और साल 2024 में होने वाले न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। यदि सरकार 2024 में न्यूनतम वेतन पुनरीक्षण कर लागू करती है, तब अकुशल को 14,750, अर्द्धकुशल को 15,995, अकुशल को 18,149 एवं अतिकुशल को 20180 रुपए न्यूनतम वेतन मिल पाएगा।

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