प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा SIR का कार्य करवाया जा रहा है, जो चुनाव आयोग के लिहाज से अब पूरा होने वाला है | लेकिन जिन सरकारी अध्यापकों को सबसे ज्यादा इस कार्य में लगाया गया था उनका मूल काम अधूरा पड़ा है | प्रदेश के सरकारी स्कूल ऐसे ही रिक्त पदों से जूझ रहे हैं इसी वजह से यहां नामांकन भी लगातार घट रहे हैं | सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा उन परिवारों के बच्चे पढ़ रहे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो लेकिन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को SIR कार्य में लगाने के कारण इन स्कूलों में पढाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है | इसकी सबसे ज्यादा चिंता उन छात्रों को है जिनके फ़रवरी में बोर्ड एग्जाम हैं | SIR ड्यूटी के कारण इनका कोर्स अभी तक अधूरा है और केवल दो महीने का समय बचा है ऐसे में इनका कोर्स पूरा कैसे होगा | प्रदेश में इतने सरकारी विद्यालय निर्वाचन विभाग के अनुसार प्रदेश में तक़रीबन 52500 बूथ लेवल अधिकारी SIR के कार्य में लगे हुए हैं जिनमें सर्वाधिक जिनमें सबसे ज्यादा शिक्षा विभाग से जुड़े हैं जो कुल बूथ लेवल अधिकारीयों का 70 से 80 प्रतिशत तक हैं | यानि तक़रीबन 35 से 40 हजार शिक्षक BLO के रूप में SIR के कार्य में लगे हुए हैं | प्रदेश में शिक्षा विभाग प्राथमिक शिक्षा में कुल 190622 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से 26267 पद रिक्त हैं जबकि माध्यमिक में स्वीकृत 275980 में से 74051 पद पुरे प्रदेश में रिक्त हैं। प्रदेशभर में एक लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं जिसकी वजह से शिक्षा विभाग पहले से ही रिक्त पदों के समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में 35 से 40 हजार शिक्षकों को SIR कार्य में लगाने के कारण शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नागौर जिले में स्कूलों की स्थिति नागौर जिले की अगर बात करें तो जिले में प्राइमरी सेक्शन के कुल 1118 स्कूल हैं जिनमें कुल 4508 स्वीकृत पदों में से 550 पद रिक्त हैं जबकि सेकंडरी सेक्शन में 493 स्कूलों में 6532 स्वीकृत पदों में 1549 पद वर्तमान में शिक्षा विभाग के अनुसार रिक्त हैं। यानी कुल 11040 स्वीकृत पदों में से 2042 पद वर्तमान में रिक्त चल रहे हैं। 26 में से 15 पद रिक्त 3 की डयूटी SIR में नागौर मुख्यालय के सेठ किशनलाल कांकरिया स्कूल में 26 व्याख्याताओं के पद स्वीकृत हैं जिनमें से 15 व्याख्याताओं के पद रिक्त हैं और तीन व्याख्याताओं को SIR कार्य में सुपरवाइजर के कार्य में लगा दिया गया है ऐसे में केवल 8 व्याख्याताओं के भरोसे स्कूल चल रहा है। इसकी वजह से छात्रों का ना तो कोर्स पुरा हो पाया है और ना ही एग्जाम की तैयारी कर पाए हैं। कैसे होगा सिलेबस पूरा छात्रों का कहना है कि अर्धवार्षिक परीक्षा में भी फुल सिलेबस आया था और बोर्ड एग्जाम में तो पुरा सिलेबस आना ही है। टीचर्स नहीं होने से उनका कोर्स पहले से अधूरा है तो हमारे रिजल्ट प्रभावित होंगे। शिक्षण का तानाबाना ही बिगड़ गया कांकरिया स्कूल के प्रिंसिपल शंकरलाल का कहना है कि पहले से स्वीकृत पदों से आधे भी व्याख्याता नहीं है ऐसे में तीन व्याख्याताओं को सुपरवाइजर लगा दिया गया है जिसके वजह से शिक्षण का तानाबाना ही बिगड़ गया है इसकी वजह से नामांकन भी प्रभावित होंगे अभिभावक मज़बूरी में निजी स्कूलों कि तरफ जा रहे हैं| सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी SIR में लगने की वजह से यहां के छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी है | इनके कोर्स कैसे और कब कम्पलीट होंगे इसका जवाब ना स्कूल प्रशासन के पास है और ना निर्वाचन विभाग के पास | हालांकि 11 दिसम्बर को SIR कार्य पूरा होने के बाद स्कूलों में शिक्षण कार्य पटरी पर लौट सकता है बशर्ते SIR की तारीखें और ना बढ़ें |


