मध्य प्रदेश में किसानों को उर्वरक खाद्य की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य में ऑनलाइन उर्वरक खाद वितरण प्रणाली के बाद अब उर्वरक खाद्य की होम डिलीवरी भी शुरू कर दी गई है। यह सुविधा पायलट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा, जबलपुर और शाजापुर जिलों में शुरू की गई है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि ऑनलाइन उर्वरक खाद्य वितरण प्रणाली (टोकन ) के माध्यम से अब तक 37 हजार किसानों ने खाद खरीदा है। इसी कड़ी में, जबलपुर जिले के मझौली विकासखंड के सुहजनी गांव से खाद की होम डिलीवरी की शुरुआत की गई है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. एस.के. निगम ने जानकारी दी कि किसानों को कम समय में खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। मझौली गांव के ओमप्रकाश ने यूरिया ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग की थी, जिसके बाद उनके घर मझौली डबल लॉक केंद्र से 14 बोरी यूरिया पहुंचाई गई। डॉ. एस.के. निगम ने यह भी बताया कि उर्वरक खाद्य की होम डिलीवरी योजना डबल लॉक केंद्र के पांच किलोमीटर के दायरे में शुरू की गई है। इस सेवा के लिए परिवहन शुल्क 15 रुपए प्रति बोरी, लोडिंग शुल्क 5 रुपए और अनलोडिंग शुल्क 5 रुपए, इस प्रकार कुल 25 रुपए प्रति बोरी का शुल्क लिया जा रहा है। सोमवार तक पांच किसानों को होम डिलीवरी के तहत कुल 40 बोरी उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ई-विकास पोर्टल पर होम डिलीवरी की मांग आने पर उसी के अनुसार आपूर्ति की जाएगी।


