रतलाम में सोमवार शाम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना पंजीयन चल रहे हरिओम क्लिनिक पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। जांच में पता चला कि क्लिनिक संचालक के पास BEMS और BMP की डिग्री है, लेकिन वहां एलोपैथी दवाइयों का उपयोग किया जा रहा था, जो नियमों के खिलाफ है। नायब तहसीलदार मनोज चौहान और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मंडलोई की मौजूदगी में कार्रवाई की गई और दवाइयां जब्त कर ली गईं। अचानक हुए निरीक्षण से क्लिनिक में हड़कंप मच गया। मौके पर अधिकारियों को क्लिनिक संचालन का कोई पंजीयन नहीं मिला है। डॉक्टर की जो डिग्री मिली है वह बीईएमएस व बीएमपी की मिली है। लेकिन क्लिनिक पर एलोपैथी दवाई मिली है। इससे आशंका है कि यहां पर एलोपैथी का भी इलाज किया जाता है। हालांकि जांच के दौरान कोई मरीज नहीं मिला। क्लिनिक संचालन के लिए सीएमएचओ कार्यालय का पंजीयन भी नहीं मिला है। क्लिनिक को अवैध संचालन पर सील कर दिया है। उज्जैन की टीम ने पकड़ी गड़बड़ी दरअसल उज्जैन से स्वास्थ्य विभाग की संभागीय टीम ने शहर के कुछ क्लीनिकों का गुपचुप तरीके से निरीक्षण किया था। उसमें क्लीनिकों पर गड़बड़ी की आशंका थी। संभागीय टीम की सूचना के बाद रतलाम का स्वास्थ्य विभाग जागा और जांच करने पहुंचा। बड़ा सवाल यह कि आखिर रतलाम के स्वास्थ्य विभाग को रतलाम में चल रहे प्राइवेट क्लीनिकों की जानकारी क्यों नहीं मिली। प्राइवेट प्राइवेट क्लिनिक संचालनकर्ता ने हितेंद्र तिवारी ने बताया मेरे पास बीईएमएस व बीएमपी की डिग्री है। बीएमपी की डिग्री से एलोपैथी का इलाज किया जा सकता है। क्लिनिक का पंजीयन 2021 तक था। बाद में उसे रिन्यू नहीं किया गया। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश मंडलोई ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की संभागीय टीम में शहर के कुछ क्लीनिकों का निरीक्षण किया था। उन्हीं की सूचना पर पहुंचकर जांच की है। एलोपैथी दवाइयां क्लिनिक से मिली है l संचालन का पंजीयन भी नहीं है। सील कर दिया है। पंचनामा बनाया है। रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।


