मेड़ता में किसानों का प्रदर्शन:उपखंड अधिकारी कार्यालय पर ताला लगा धरने पर बैठे

मेड़ता में किसानों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर किसान संगठनों ने आक्रोश जताते हुए आज दोपहर बाद मेड़ता उपखंड कार्यालय के बाहर ताला जड़ दिया। पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, किसान नेता सुशील रियाड़ और युवा किसान नेता मनीष मिर्धा की अगुवाई में सैकड़ों किसान उपखंड कार्यालय पहुंचे। किसानों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। मजबूरन आज उपखंड अधिकारी कार्यालय पर ताला लगाना पड़ा। सरकार ने तब बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया था किसानों ने रियां बड़ी उपखंड कार्यालय पर कुछ दिन पहले लगाए गए ताले का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार ने तब बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया था, जिसके बाद ताला खोला गया। लेकिन अब तक कई मांगों पर अमल नहीं होने के कारण मेड़ता क्षेत्र के किसानों को उसी रास्ते पर चलना पड़ा। किसानों ने मेड़ता उपखंड कार्यालय पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया और धरना स्थल पर जुटकर अपनी आवाज बुलंद की। धरने में किसानों ने कहा कि कृषि संबंधी समस्याएं, बिजली मुद्दे, मुआवजा, सहकारी समितियों की अव्यवस्थाएं और फसल खरीद प्रक्रियाओं को लेकर उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार लिखित में समाधान की दिशा नहीं बताती, आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने कहा कि यह ताला सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि उनकी मजबूरी और उपेक्षा का परिणाम है। किसानों ने शाम तक धरना जारी रखा और कहा कि सरकार को अब वास्तविक समाधान के साथ सामने आना होगा, तभी ताला खोलने पर विचार किया जाएगा। रात 9:30 बजे बाद तक किसानों का धरना जारी रहा।

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