पीथमपुर की वृंदावन कॉलोनी में रहने वाले 22 वर्षीय मनीष यादव, जो भारतीय सेना में तकनीकी पद पर तैनात थे, अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। ऊर्जा उपकरणों पर काम करते समय हुए शॉर्ट सर्किट के कारण उन्हें तेज करंट लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना 3 दिसंबर की शाम पर्वतीय क्षेत्र में हुई, जहां उनकी यूनिट नियमित तकनीकी कार्य कर रही थी। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पीथमपुर में शोक की लहर फैल गई। मनीष मूल रूप से बिहार के निवासी थे, लेकिन पिछले 20 वर्षों से पीथमपुर की वृंदावन कॉलोनी में रह रहे थे। बिहार में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 6 दिसंबर को सेना ने उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से बिहार स्थित पैतृक गांव भेजा। वहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार, ग्रामीण और सेना के जवानों की मौजूदगी में पूरा वातावरण भावुक हो उठा। पीथमपुर में गमगीन माहौल मनीष की शहादत की सूचना जैसे ही पीथमपुर पहुंची, वृंदावन कॉलोनी में लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होने लगे। देर रात तक मित्र, पड़ोसी और परिचित परिवार को सांत्वना देने पहुंचते रहे। स्थानीय लोगों ने कहा कि मनीष बचपन से ही अनुशासित, विनम्र और जिम्मेदार थे तथा सेना में भर्ती होना उनका सपना था। साल भर पहले ज्वाइन की थी सेना मनीष यादव ने 3 अप्रैल 2024 को 623 ईएमई बटालियन में अपनी सेवा शुरू की थी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें अरुणाचल प्रदेश में तैनात किया गया था। उनके पिता श्रीराम यादव मजदूर हैं और मां गृहिणी। परिवार में तीन भाई और एक बहन है। साधारण परिवार से आने वाले मनीष ने अपने संघर्ष और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया था। जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक नगर पालिका अध्यक्ष सेवंती सुरेश पटेल, अशोक पटेल, देवेंद्र पटेल, समीर मेहर, मुकेश पांचाल, संदीप रघुवंशी, सरपंच अजहर सेठ, पप्पू असोलिया और राकेश असोलिया सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मनीष की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में मनीष की स्मृति को हमेशा जीवित रखने के लिए स्मृति स्थल या श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।


