पश्चिमी सिंहभूम में सड़क हादसे में जख्मी एक किशोर की मौत हो गई। किशोर के पिता का आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने से बेटे को बाइक से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो बेटे की जान बच सकती थी। भूता गांव के डांगुरपी टोला में बुधराम सुंबरुई की सड़क दुर्घटना जख्मी हो गया था। घटना की सूचना के बाद बुधराम के पिता राजेश सुंबरुई ने एंबुलेंस के लिए 108 को फोन किया। एंबुलेंस चालक ने कॉल उठाया पर घटनास्थल पर आने में टालमटोल करने लगा। इसके बाद राजेश अपने बेटे बुधराम को बाइक से अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां अधिक खून बह जाने व इलाज में देरी होने से किशोर की मौत हो गई। मृतक के पिता राजेश सुंबरुई ने सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने पर नाराजगी जताते प्रशासन व एंबुलेंस चालक पर मनमानी करने व लोगों को परेशान करने गंभीर आरोप लगाया है। इधर, पश्चिमी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डॉ सुशांतो कुमार मांझी ने बताया कि 108 एंबुलेंस रांची के निर्देशानुसार कार्य करता है। इसमें हमलोगों का कुछ ज्यादा हस्तक्षेप नहीं रहता है। अगर किसी मरीज को 108 एंबुलेंस नहीं मिलता है तो हमलोगों को सूचना मिलते ही सदर अस्पताल से एंबुलेंस की व्यवस्था दी जाती है। अगर कोई एंबुलेंस चालक इस तरह की लापरवाही करता है तो उसपर कार्रवाई भी हो सकती है। जबकि कोई भी एंबुलेंस चालक हो, वो ना नहीं बोल सकता है। मौके पर पहुंचने में विलंब हो सकता है। लेकिन मनाही करने का उसे कोई अधिकार नहीं है।


