गुना जिले के रायपुर कलां के एक सरकारी स्कूल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम द्वारा स्वास्थ्य जांच की जा रही थी। इसी दौरान 13 वर्षीय बच्ची को गंभीर हृदय रोग पकड़ा गया। जांच में बच्ची के दिल की धड़कन काफी कम मिली थी। उसे तत्काल अस्पताल बुलाकर चेकअप किया गया, जिसमें उसके दिल में तीन छेद निकले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला अस्पताल में बच्ची का सफल ऑपरेशन किया। बच्ची के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं, लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद, बच्ची का सारा इलाज सरकारी योजना के तहत पूरी तरह मुफ्त हुआ और अब उसकी हालत स्थिर है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, RBSK की टीम पिछले दिनों रायपुर कलां के प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य परीक्षण कर रही थी। इसी जाँच के दौरान 13 वर्षीय बच्ची स्वार्थी अहिरवार में यह गंभीर हृदय रोग का पता चला। जांच के समय, RBSK डॉ. लोकेंद्र कुशवाह ने बच्ची के दिल की धड़कन में अनियमितता पाई और तुरंत ‘हार्ट डिफेक्ट’ की आशंका जताते हुए उसे अस्पताल में चेकअप के लिए बुलाया। जिला अस्पताल के DEIC में इलाज हुआ शुरू
अस्पताल में हुई आगे की जाँच में स्वार्थी के दिल में तीन छेद होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसकी स्थिति को गंभीर माना गया। बच्ची को तुरंत गुना जिला अस्पताल के DEIC में भेजा गया। यहां सीएमएचओ डॉ राजकुमार ऋषिश्वर और DEIC प्रभारी विनीता सोनी के निर्देशानुसार, उसके आगे के इलाज और उपचार की प्रक्रिया को तुरंत तेज किया गया। पिता हैं मानसिक रोगी, टीम ने परिजनों को समझाया
बच्ची के पिता मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं। इस कारण, RBSK टीम ने बच्ची के अन्य परिजनों से संपर्क किया। टीम ने उन्हें बीमारी की गंभीरता समझाई और ऑपरेशन के लिए सहमति ली। अधिकारियों के निर्देश और RBSK टीम की तत्परता से स्वार्थी का ऑपरेशन सफल रहा। सरकारी योजना से मिला नि:शुल्क उपचार
बच्ची के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बावजूद इसके, बच्ची का पूरा इलाज सरकारी योजना के अंतर्गत पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया। सफल ऑपरेशन के बाद अब स्वार्थी की हालत स्थिर है और उसकी जान बचाई जा चुकी है।


