प्रतापगढ़ की पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 76-76 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश डॉ. प्रभात अग्रवाल ने रेणियामंगरी धरियावद निवासी दीपक, ब्रह्मपुरी धरियावद निवासी दीपक, चितोड़िया भैरूफला धरियावद निवासी जमनाशंकर और ब्रह्मपुरी धरियावद निवासी उमेश को मामले में सजा सुनाई है। पीछा कर बाइक गिरा दी घटना 22 दिसंबर 2021 की है। 17 जनवरी 2022 को पीड़िता ने धरियावद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि पीड़िता अपने परिचितों के साथ मोटरसाइकिल से जा रही थी, तभी पेट्रोल पंप से चार नकाबपोश युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। जाखम पुल के आगे वजपुरा रोड पर आरोपियों ने लाठी से हमला कर मोटरसाइकिल गिरा दी। उन्होंने पीड़िता और उसके परिचितों के साथ मारपीट की और मोबाइल और नकदी छीन ली। तीन युवक मौके से भाग गए, जबकि आरोपियों ने पीड़िता को पकड़कर सुखली नदी किनारे ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। उन्होंने इस घटना का वीडियो भी बनाया और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे। 22 गवाह पेश किए मामले की जांच वृताधिकारी धरियावद संदीप सिंह ने पूरी की और न्यायालय में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 22 गवाह, 135 दस्तावेज और 10 आर्टिकल प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई। राज्य पक्ष की पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक तरुणदास बैरागी ने की।


