बिलासपुर कलेक्ट्रेट में 1 जनवरी से बायोमेट्रिक अटेंडेंस:देर से आने या एब्सेंट रहने पर कटेगी सैलरी; मंत्रालय में भी नियम लागू

बिलासपुर कलेक्ट्रेट सहित सभी विभागीय कार्यालयों में 1 जनवरी से बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की जाएगी। यह प्रणाली सीधे वेतन भुगतान से जुड़ी होगी, जिसका अर्थ है कि कार्यालय पहुंचने में देरी या अनुपस्थिति की स्थिति में वेतन में आनुपातिक कटौती स्वतः हो जाएगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को टीएल बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में तैयारी करने के निर्देश दिए। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय में इस व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू किया है और अब 1 जनवरी से इसे जिलों में भी शुरू करने को कहा गया है। कलेक्टर ने बताया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति मोबाइल आधारित ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। यह ऐप केवल कार्यालय परिसर या उसके 100 मीटर के दायरे में ही सक्रिय रहेगा। घर से या किसी अन्य स्थान से अथवा किसी अन्य व्यक्ति की ओर से उपस्थिति दर्ज नहीं की जा सकेगी। समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने नई व्यवस्था लागू इस नई व्यवस्था का उद्देश्य शासकीय कर्मियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना है। अक्सर शासकीय कर्मचारियों के निर्धारित समय पर कार्यालय न पहुंचने की शिकायतें मिलती रहती हैं। यह प्रणाली पारदर्शिता लाएगी और कामकाज के निपटारे में तेजी लाएगी। शाम को वापसी के दौरान भी उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। धान खरीदी की प्रगति की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को अपने प्रभार के खरीदी केंद्रों का लगातार निरीक्षण करने और खरीदे गए धान की स्टैकिंग का बारीकी से सत्यापन करने के निर्देश दिए। खरीदी केंद्रों में छापामार निरीक्षण के निर्देश उन्होंने अचानक छापामार शैली में निरीक्षण करने पर जोर दिया। इस दौरान बारदाना की उपलब्धता भी देखें। खरीदे गये धान और केन्द्र में इसके उपलब्धता और मिलान होना चाहिए। संपूर्ण प्रक्रिया में किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं आने देना चाहिए। अवैध उत्खनन पर कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टर ने अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई और तेजी से करने को कहा है। वनक्षेत्र में यदि अवैध खनन की रिपोर्टिंग होती है तो वन विभाग कठोर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार ने समय-सीमा निर्धारित की है। इस सीमा में कार्रवाई पूर्ण करें अन्यथा जिला स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बिना तिरपाल ढंके राखड़ परिवहन होगी कार्रवाई कलेक्टर ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कोयला और राखड़ का परिवहन करने वाले वाहनों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने कहा है। कोई भी वाहन यदि बिना तिरपाल ढके राखड़ और कोयले का परिवहन करे तो आरटीओ और पर्यावरण विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करें। उन्होंने गोधाम योजना की समीक्षा करते हुए और ज्यादा संख्या में गोधाम खोलने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने को कहा है। कलेक्टर ने एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए दी जाने वाली छात्रवृत्ति वितरण की भी समीक्षा की।

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