SI भर्ती मामले में सरकार को हाईकोर्ट की फटकार:कहा-हर हाल में यथास्थिति के आदेश का पालन हो, वरना कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी

एसआई भर्ती 2021 मामले में ट्रेनी SI को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजने पर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हर हाल में 18 नवंबर के दिए गए यथास्थिति के आदेश का पालन होना चाहिए, वरना कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी। दरअसल, ट्रेनी SI को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजने के पुलिस मुख्यालय के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा कि हमने 18 नवंबर को यथास्थिति के आदेश दिए थे। उस आदेश के बाद भी ट्रेनी एसआई को फील्ड ट्रेनिंग में भेजने के आदेश कैसे जारी कर दिए। ये अदालत की अवमानना है। सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया- हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। करीब 800 ट्रेनी एसआई हैं। उसमें से कुछ गलत हो सकते हैं। लेकिन, सभी को ट्रेनिंग से कैसे रोका जा सकता है। सरकार ने मामले में जवाब देने के लिए कोर्ट से समय मांगा। याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने बताया- हाईकोर्ट ने मामले में जवाब देने के लिए सरकार को दो दिन का समय दिया है। अब गुरुवार को सुनवाई होगी। दरअसल, पुलिस भर्ती और पदोन्नति बोर्ड एडीजी विपिन कुमार पांडेय की तरफ से जारी आदेशों में 2021 के सभी ट्रेनी एसआई को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए आवंटित रेंज के जिलों में भेजने को कहा गया था। ट्रेनी एसआई ने कहा- SI के लिए हमने दूसरी सरकारी नौकरी छोड़ दी
वहीं हाईकोर्ट में करीब 42 ट्रेनी एसआई ने पार्टी बनने की एप्लीकेशन लगाकर कहा था कि हमने अन्य सरकारी नौकरी छोड़कर यह नौकरी जॉइन की है। हमने ईमानदारी के साथ परीक्षा दी है। हमारा कोई दोष नहीं है। हमें ट्रेनिंग से नहीं रोका जाए। हाईकोर्ट ने इन सभी को मामले में पक्षकार बना लिया है। इन सभी के तरफ से अधिवक्ता सुरेश पारीक और तनवीर अहमद ने पैरवी की। ​​​​​​​याचिकाकर्ता ने कहा था- सरकार यथास्थिति के आदेश की पालना नहीं कर रही
याचिकाकर्ता कैलाश चंद शर्मा ने पुलिस मुख्यालय के आदेश पर रोक लगाने के लिए स्टे एप्लिकेशन दायर की है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने मूल याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 नवंबर को पूरी भर्ती में यथास्थिति के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार यथास्थिति के आदेश की पालना नहीं कर रही है। याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने बताया- सरकार ने मामले में जवाब पेश करने के लिए 2 सप्ताह का समय मांगा था। सरकार ने एक महीने बाद भी जवाब पेश नहीं किया। वहीं, उल्टा कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए ट्रेनी एसआई को फील्ड में भेजने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने बताया- मूल याचिका में हमने कोर्ट से पूरी भर्ती को रद्द करने की मांग की है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यथास्थिति के आदेश दिए थे। वहीं, सरकार से पूछा था कि वह भर्ती पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। सरकार ने आज तक अपना जवाब नहीं दिया। सिलेक्ट एसआई की पोस्टिंग पर लगाई थी रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने 18 नवंबर को एसआई भर्ती परीक्षा-2021 में सिलेक्ट एसआई की पोस्टिंग पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने ट्रेनी एसआई की पासिंग आउट परेड पर रोक लगाते हुए पूरे मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। आदेश के तहत 2021 की एसआई भर्ती में चयनित एसआई को पोस्टिंग नहीं दी जा सकेगी। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने रोक के आदेश दिए थे। सुनवाई से पहले 20 ट्रेनी एसआई निलंबित
हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले पुलिस विभाग ने अब तक 20 ट्रेनी एसआई को सस्पेंड कर दिया है। शुक्रवार (3 जनवरी) को जयपुर, उदयपुर रेंज के 11 ट्रेनी एसआई को निलंबित किया गया था। शनिवार को बीकानेर रेंज आईजी ने 8 और अजमेर रेंज आईजी ने एक ट्रेनी एसआई को निलंबित कर दिया। एसओजी पेपर लीक मामले में अब तक 50 ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें से 25 ट्रेनी एसआई जमानत पर बाहर आ चुके हैं। SI भर्ती से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जमानत पर आए 9 और ट्रेनी SI सस्पेंड:पेपरलीक मामले में बीकानेर रेंज IG ने 8, अजमेर रेंज IG ने 1 ट्रेनी पर कार्रवाई की SI भर्ती-2021 में सिलेक्ट एसआई की पोस्टिंग पर रोक:पासिंग आउट परेड भी नहीं होगी; हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के दिए आदेश

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