ग्वालियर में 312 बीघा भूमि अब तक अटैच नहीं:प्रशासन कुर्की की अनुमति मांगता रहा, सहारा ने जमीनें बेच भी दीं; निवेशकों के करोड़ों अटके

सहारा इंडिया कॉमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और उसके साथ की 12 कंपनियों से जुड़ी 312 बीघा जमीन तमाम प्रयासों के बाद भी अटैच नहीं हो पा रही। ग्वालियर-चंबल अंचल के हजारों लोगों से निवेश के नाम पर इन कंपनियों ने पहले तो करोड़ों रुपए जमा कराए। फिर कथित रूप से इसी राशि से करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीनें खरीदीं। गौर करने वाली बात ये है कि जब इन कंपनियों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन ने जिला कोर्ट में केस लगाया तो मुंह की खानी पड़ी। वर्तमान में मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। चिंता वाली बात ये है कि एक तरफ तो अधिकांश निवेशकों को पैसे मिले नहीं, वहीं दूसरी ओर जिन जमीनों को कलेक्टर कुर्क (आत्यांतिक यानी एब्सोल्यूट) कराने के लिए कोर्ट की शरण में है। उनमें से कई जमीन तो बिक भी चुकी हैं, जबकि निवेशक अब भी अपनी मेहनत की कमाई मिलने की प्रतीक्षा में हैं। ऐसे में कलेक्टर की कार्रवाई में हो रही देरी कहीं निवेशकों के पैसे वापस मिलने के सपनों पर पानी न फेर दे। पढ़िए भास्कर की खास रिपोर्ट… इन तारीखों से समझें, केस में कब-क्या हुआ सेबी जमीन नहीं बेच पाई तो फिर सहारा ने बेचीं जमीनें
सहारा व उसकी कंपनियों ने देशभर में यही फॉर्मूला अपनाते हुए लोगों से पैसे निवेश कराए और फिर पैसे नहीं लौटाए। देशभर के मामलों की एक जगह सुनवाई हो सके, इसके चलते मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। यहां कोर्ट ने सेबी को गाइडलाइन अनुसार प्रोपर्टी बेचने की अनुमति दी। जब सेबी जमीन नहीं बेच पाई तो सहारा इंडिया व उसकी कंपनियों को अनुमति दी गई। इसके बाद देशभर में सहारा से जुड़ी कई प्रोपर्टी बिकीं। प्रशासन कुर्क की अनुमति मांगता रहीं, सहारा ने जमीनें बेच भी दीं; निवेशकों के करोड़ों अटके…
ये हैं सहारा इंडिया की साथी कंपनियों का नाम… कोर्ट में पेश किए दस्तावेजों में दिसंबर 2003 में संपादित सेलडीड का भी हवाला दिया गया है। इसके अनुसार सहारा ने कुल 12 कंपनियों को अपनी सहयोगी बताया है। इनमें एशर एस्टेट एंड रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड, अशोक शेल्टर्स प्रा. लि., अतिदत्ता डेवलपमेंट लीजिंग प्रा.लि., अवनि शेल्टर्स प्रा.लि., बद्रीनाथ डेवलपमेंट एंड रियलिटी प्रा.लि., धवलकीर्ति रियलिटी एंड फाइनेंस प्रा.लि., दिनेश रियलिटी एंड डेवलपमेंट प्रा.लि., ध्युति रियलिटी एंड डेवलपमेंट प्रा.लि., अर्ल डेवलपमेंट एंड रियलिटी प्रा.लि., ईटोन एस्टेट एंड डेवलपमेंट प्रा.लि., एडमंडा डेवलपमेंट एंड लीजिंग प्रा.लि., एकवीरा डेवलपमेंट एंड लीजिंग प्रा.लि. व अन्य के नाम शामिल हैं। नूमेक्स कंपनी ने खरीदी है जमीन, पक्षकार बनाया
कुल 312 बीघा जमीन में से कितनी जमीन बिक चुकी है इसका हवाला शासन की अपील में नहीं है। हालांकि यह स्पष्ट है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी नूमेक्स ने इसमें से कुछ जमीन खरीदी है। इस कंपनी को कोर्ट में पक्षकार बनाया गया है। कंपनी की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि नियमों के तहत जमीन खरीदी गई है। वहीं सहारा की अन्य 12 कंपनियां हैं की दलील है कि उन्होंने निवेशकों से प्राप्त राशि से यह जमीन नहीं खरीदी है। यानी यह जमीनें चिटफंड पैसे से नहीं खरीदीं गईं।

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