मरीज तड़पते रहे, डॉक्टर बोले- ड्यूटी खत्म हो गई:परिजन का आरोप- खजुराहो के रिसॉर्ट में कर्मचारियों के खाने में जहर मिलाया

रिसॉर्ट में जितने कर्मचारियों ने खाना खाया, उन्हें उल्टी-दस्त लगे। दिखना बंद हो गया, चक्कर आ रहे थे। खजुराहो अस्पताल ले गए। वहां डॉ. उमराव सिंह ने कहा कि मेरी ड्यूटी खत्म हो गई है। मिन्नतें करने के आधे घंटे बाद उन्होंने देखा। खाने में जहर मिलाया गया था। यह कहना है कि राजकुमार रजक का। खजुराहो के गौतम रिसॉर्ट में सोमवार को खाना खाने के बाद जिन तीन कर्मचारियों की मौत हुई, उनमें राजकुमार की भाभी गिरिजा भी शामिल है। छतरपुर के जिला अस्पताल से रेफर करने के बाद ग्वालियर जाने के दौरान प्रागीलाल, गिरिजा रजक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, रामस्वरूप की जेएएच अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। इसके अलावा, दयाराम, हार्दिक, रवि, रोशनी और गोलू ग्वालियर के जेएएच अस्पताल में भर्ती हैं। इधर, घटना के बाद गुस्साए लोगों ने चक्काजाम किया था। कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोग माने। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में भी डॉक्टर मौतों का कारण नहीं समझ पा रहे। घटना के बाद दैनिक भास्कर ने मृतकों के परिजन से बात कर हालात समझने की कोशिश की। सामने आया है कि रिसॉर्ट प्रबंधन ही नहीं, अस्पताल में भी लापरवाही बरती गई। देवर का आरोप- खाने में जहर मिलाया गया
गिरिजा रजक गौतम रिसॉर्ट में स्टाफ के लिए खाना बनाने का काम करती थी। उनके देवर राजकुमार रजक ने बताया कि सोमवार दोपहर में स्टाफ के साथ भाभी (गिरिजा) ने भी खाना खाया था। सभी के लिए दिन के खाने में आलू–गोभी की सब्जी और रोटी बनाई थी। कुछ देर बाद जितने लोगों ने खाना खाया, उन्हें उल्टी-दस्त लगे। दिखना बंद हो गया, चक्कर आने लगे। मुंह से झाग निकल रहा था। मुझे फोन किया, तो मैं भाभी को सिविल अस्पताल ले गया। वहां डॉ. उमराव सिंह ने कहा कि मेरी ड्यूटी खत्म हो गई है। इधर, भाभी की तबीयत बिगड़ रही थी। मिन्नतों के आधे घंटे बाद उन्होंने देखा और एक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद बोले- छतरपुर ले जाओ। जब एम्बुलेंस मांगी, तो कहा कि अस्पताल की एम्बुलेंस वीआईपी व्यवस्था में लगी है। जैसे–तैसे गाड़ी अरेंज करके हम छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां से डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर कर दिया। आशंका है कि खाने में पॉइजन मिलाया गया है। फूड पॉइजनिंग में मुंह से झाग थोड़े ही निकलेगा। बड़े भाई मजदूरी करते हैं। उनके बेटा-बेटी है। तीन साल पहले मां, अब पिता नहीं रहे
प्रागीलाल रिसॉर्ट में मजदूरी करते थे। उन्हें 12 साल का बेटा है। तीन साल पहले सर्पदंश से पत्नी की मौत हो चुकी है। प्रागीलाल के भाई बालू कुशवाह ने बताया कि मुझे भाई का फोन आया था। कहा कि पेट में दर्द हो रहा है। हम डॉक्टर के पास ले गए। अस्पताल में भर्ती हो गए। पेशे से किसान हैं। बहुत ज्यादा नहीं पता। बेटे की जिम्मेदारी मुझ पर आ गई है। पिता रिसॉर्ट के गेट पर उल्टी करते रहे
रामस्वरूप कुशवाह भी रिसॉर्ट में काम करते थे। परिवार में दो बेटे और दो बेटी हैं। किसी की शादी नहीं हुई। रामस्वरूप पहले गौतम परिवार के यहां खेती का काम करते थे। कुछ समय के लिए बीच में छोड़ दिया था। एक साल पहले फिर काम पर चले गए। उनके बेटे अरविंद कुशवाह ने बताया कि दोपहर में पिता का कॉल आया था कि तबीयत खराब हो रही है। मैं वहां पहुंचा। वह रिसॉर्ट के गेट के बाहर बैठकर उल्टी कर रहे थे। मैं उन्हें मेडिकल दुकान ले गया। वहां स्थानीय अस्पताल ले जाने के लिए कहा। अस्पताल ले गया, तो यहां मौजूद शख्स ने कहा कि पहले पर्चा बनवाओ। अंदर जाकर पर्चा बनवया। बताया कि उमराव सर देखेंगे, जबकि वह आए नहीं थे। करीब आधा घंटा हो गया था। काफी मिन्नतें करने के बाद मौजूद मैडम ने कंपाउंडर से इंजेक्शन लगाने के लिए कहा। थोड़ी देर में एक के बाद एक बीमार लोग आने लगे। डॉक्टरों को समझने में देर नहीं लगी। उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिए। सभी से कहा कि छतरपुर ले जाओ। यहां अस्पताल में सुविधा नहीं है। छतरपुर जाने तक हालत ठीक थी, लेकिन कुछ की हालत बिगड़ रही थी। पिताजी यही कह रहे थे कि मैं बच नहीं पाऊंगा। उन्होंने जेएएच में सुबह करीब 5 बजे दम तोड़ दिया। बेटा बोला- खाने में जहर मिलाया गया
अरविंद ने बताया कि टीआई साहब कह रहे थे कि होटल प्रबंधन की गलती नहीं है। सवाल ये है कि सभी ने खाना तो वहीं खाया था। कहीं ना कहीं कुछ तो है। खाने में जहर मिलाया गया है। सभी लोगों की जुबान बंद हो गई थी। वह बोल नहीं पा रहे थे। पिता इतना कह रहे थे कि मुझे बचना नहीं है, घरवालों को बुला दो। फूड पॉइजनिंग में एक की जान जाती, लेकिन इतने लोगों की मौत नहीं हो सकती। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
ग्वालियर में फॉरेंसिक विभाग के एचओडी सार्थक जुगरान का कहना है कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि मौत का कारण जहर है या फूड पॉइजनिंग। स्पष्ट राय के लिए केमिकल टेस्ट कराना होगा। पुलिस की भाषा में इसे बिसरा जांच कहा जाता है। तीनों मृतकों के बिसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कारण सामने आएगा। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी इशारा किया है कि मृतकों के शरीर में फूड पॉइजनिंग से ज्यादा जहर के लक्षण हैं। कैबिनेट मीटिंग थी, इसलिए 40 कमरे बुक थे
खजुराहो में जैन मंदिर रोड, हनुमान मंदिर के पास स्थित गौतम रिसॉर्ट में 50 कमरे हैं। रिसॉर्ट 2022 में खुला था। कैबिनेट के चलते मंगलवार को 40 कमरे बुक थे। घटना के बाद भी होटल सुचारू रूप से चालू है। होटल में पार्किंग ग्राउंड है। पीछे की ओर गार्डन भी है। इसी के पीछे किचन में स्टाफ के लिए खाना बनाया जाता है। घटना के बाद से इसे सील कर दिया गया है। रिसॉर्ट में रेस्टोरेंट और स्विमिंग पूल भी है। छतरपुर सीएमएचओ आरपी गुप्ता ने बताया, गौतम रिसॉर्ट को सील कर दिया गया है। कर्मचारियों और गार्डों के लिए रिसॉर्ट में पीछे दो कमरे बनाए गए हैं। यहीं इनके लिए अलग से खाना बनाया जाता है। रोज की तरह उन्होंने यहां बना खाना खाया। इसके बाद तबीयत बिगड़ी। यह भी पढ़ें- खजुराहो के रिसॉर्ट में खाने से 3 कर्मचारियों की मौत
छतरपुर जिले के खजुराहो में गौतम रिसॉर्ट में खाना खाने के बाद कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। 9 कर्मचारियों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर किया गया। ग्वालियर जाते समय दो कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि एक की जेएएच अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। पढ़ें पूरी खबर

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