ब्यावर में ऐतिहासिक हाला जैन मंदिर में दादा गुरुदेव की वृहद पूजा श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। वरिष्ठ जैन साध्वी जयप्रभाश्री महाराज एवं साध्वी रत्ना डॉ. संयम ज्योतिश्री महाराज ठाणा-03 की पावन निश्रा में आयोजित इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
पूजन के दौरान 3 घंटे तक संगीतमय स्वर-लहरियों के बीच दादा गुरुदेव की भक्तिमय आराधना की गई। भक्तों ने जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र को धर्म और अध्यात्म से गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर पाली के प्रतिष्ठित व्यवसायी सुरेंद्र कुमार चौपड़ा परिवार द्वारा एक विशेष पूजन का आयोजन किया गया। विवाह से पूर्व उनकी पुत्री मिनल ने साधु-संतों के सानिध्य में दादा गुरुदेव की विशेष पूजा कर अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।
मिनल के बड़े पिता एवं समाजसेवी बिरदीचंद अनिल कुमार चौपड़ा ने उनके इस संकल्प को पूरा करते हुए खतरगच्छ जैन संघ की साध्वी रत्नाओं के सानिध्य में इस वृहद पूजन का आयोजन करवाया। पूजा के बाद मिनल सहित सभी श्रद्धालु अत्यंत अभिभूत और भाव-विभोर नजर आए। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अपने प्रगाढ़ भक्ति भावों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जैन धर्म के महामंत्र नवकार के सामूहिक जाप से हुई। गायक महेंद्र छाजेड़ एवं दिलीप बोरुंदिया के सुरीले गायन ने पूजा को और अधिक भक्तिमय बना दिया, जिससे भक्तों ने गहरी आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
पूजन के अवसर पर साध्वी जयप्रभाश्री महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस घर में प्रतिदिन गुरु भक्ति होती है, वहां सदैव सुख-शांति का वास रहता है। उन्होंने जोर दिया कि गुरु के बिना जीवन अधूरा है और दादा गुरुदेव चालीसा का नित्य पाठ करना चाहिए।


