सिंगरौली जिले में बलिया नाला में कोयला युक्त दूषित जल छोड़े जाने के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने एनसीएल की दुद्धिचुआ और जयंत परियोजनाओं के महाप्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंगरौली की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में पाया गया कि दोनों परियोजनाओं से निकलने वाला दूषित जल सीधे बलिया नाला में प्रवाहित किया जा रहा था। कलेक्टर बैनल ने बताया कि इस दूषित जल प्रवाह से नाले की जल गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। यह पर्यावरण मंत्रालय की ओर से लागू किए गए प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों का सीधा उल्लंघन है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि परियोजनाओं से जल प्रदूषण निवारण अधिनियम 1974 के प्रावधानों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ‘शून्य निस्त्राव’ की अनिवार्यता का पालन नहीं किया जा रहा है। कोयला युक्त जल का प्रवाह तत्काल बंद करने का निर्देश नोटिस में एनसीएल परियोजनाओं को बलिया नाला में अनुपचारित कोयला युक्त जल का प्रवाह तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, प्रदूषित जल के उपचार के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर जीपीएस फोटो सहित अनुपालन रिपोर्ट और सुधारात्मक उपायों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। कलेक्टर ने 48 घंटे के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उचित जवाब और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो जल प्रदूषण अधिनियम 1974, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।


