छिंदवाड़ा जिले के चौरई थाना क्षेत्र की पुलिस ने 23 साल पुराने दुष्कर्म के मामले में फरार चल रहे पूर्व बीएमओ (BMO) को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी डॉ. कुलवंत पिता अलवेश तिरकी, जो भोपाल का निवासी है, चौरई में पदस्थ रहते हुए दर्ज हुए केस के बाद से ही फरार था। हाईकोर्ट जबलपुर द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने उसे छत्तीसगढ़ के भाटापारा से गिरफ्तार किया। इसी टीम ने एक अन्य मामले में फरार गोवंश तस्कर को भी पकड़ा है। आरोपी कुलवंत जब चौरई में बीएमओ के पद पर पदस्थ था, तभी उस पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। घटना के बाद से ही वह पुलिस को चकमा दे रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट जबलपुर ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 3 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। मुखबिर की सूचना पर छत्तीसगढ़ पहुंची पुलिस
पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी छत्तीसगढ़ में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छत्तीसगढ़ के भाटापारा में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को एसआई चेतन मर्सकोले, एएसआई नितेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक रविन्द्र ठाकुर, श्याम ठाकरे, साइबर सेल के नितिन सिंह और महिला आरक्षक शैलकुमारी की टीम ने अंजाम दिया। 3 हजार का इनामी तस्कर भी गिरफ्तार
इसी पुलिस टीम ने एक अन्य मामले में कार्रवाई करते हुए गोवंश तस्करी के प्रकरण में फरार वारंटी मोहम्मद जफर खान पिता मोहम्मद मजहर खान को भी गिरफ्तार किया है। उसे छत्तीसगढ़ के विटकुली थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। इस आरोपी पर भी पुलिस ने 3 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस अब दोनों मामलों में आगे की कार्रवाई कर रही है।


