आरएएस भर्ती-2023 का मामला:अभ्यर्थियों ने आरएएस मुख्य परीक्षा के परिणाम पर खड़े किए सवाल, शुरुआत के रोल नंबर वालों को अधिक अंक, बाद वालों को कम मिले

आरएएस भर्ती-2023 में मुख्य परीक्षा के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए हैं। अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा व उसके परिणाम के आंकड़ों का विश्लेषण किया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए 19355 अभ्यर्थियों में से 2588 यानी महज 13.37 फीसदी ही अजमेर संभाग के थे, लेकिन साक्षात्कार के लिए अकेले अजमेर संभाग से यह आंकड़ा प्रतिशत के हिसाब से करीब डेढ़ गुणा हो गया। अजमेर संभाग से 2588 में से 529 का चयन हो गया, जो 20.44 फीसदी रहा। जबकि कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग से मुख्य परीक्षा के लिए 29.73 फीसदी का चयन हुआ था, जब अब तीनों संभागों के आंकड़ा घटकर 11.92 फीसदी पर आ गया। जयपुर संभाग के अभ्यर्थियों का दोनों ही बार आंकड़ा लगभग समान सा रहा। जयपुर में बीकानेर व भरतपुर संभाग के अभ्यर्थी भी शामिल हैं। अभ्यर्थियों ने ये सवाल उठाए प्रारंभिक परीक्षा से मुख्य परीक्षा के लिए चयनित
मुख्य परीक्षा के लिए 19355 का चयन हुआ। इनमें अजमेर संभाग के 2588 यानी 13.37 %, जयपुर, बीकानेर, भरतपुर के 11012 अभ्यर्थी यानी 56.89%, जोधपुर, उदयपुर व कोटा संभाग से कुल 5755 अभ्यर्थी यानी 29.73% अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। विवाद- वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के 3 पेपर व ईओआरओ भर्ती परीक्षा को रद्द किया गया। आरएएस-2021 भी विवादों में रही है। एसआई भर्ती में विवाद हुआ। “आरएएस-2021 में टॉप 100 में से 43 बीकानेर संभाग के थे, जबकि यहां से कुल चयन 164 का चयन हुआ था। आयोग को यह देखना था कि टॉप 100 में इतने क्यों आए। लेकिन बीकानेर में मुख्य परीक्षा ही नहीं कराई।”

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