भिंड में कोहरा, पेड़ से टकराया ट्रैक्टर, ड्राइवर की मौत:मऊगंज में 20 मीटर रही विजिबिलिटी; एमपी में 12 जनवरी से गिरेगा मावठा

मध्यप्रदेश में जनवरी महीने में मावठा यानी बारिश होने का ट्रेंड है। पिछले 10 में से 8 साल मावठा गिरा है। ऐसा ही मौसम इस बार भी रहेगा। मौसम विभाग ने 12 जनवरी से प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। ऐसा उत्तर-पश्चिम भारत में 10 जनवरी को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से हो सकता है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में कोहरा छाया रहा। मऊगंज जिले में विजिबिलिटी 20 मीटर रही। वहीं, भिंड के उमरी में घने कोहरे के चलते एक ट्रैक्टर पेड़ से टकरा गया। छैकुर का पुरा गांव निवासी रिंकू यादव तड़के 4 बजे ट्रैक्टर लेकर निकला था। विजिबिलिटी कम होने के कारण ट्रैक्टर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया, जिससे पहिया टूट गया। ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। रिंकू की मौके पर ही मौत हो गई। कल से पारे में 2-3 डिग्री की गिरावट
मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया- मंगलवार से दिन-रात के पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। अभी उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी है। इस वजह से बर्फीली हवा प्रदेश में आने लगेगी। जिसकी रफ्तार तेज होगी। यह ठंड का असर बढ़ाएगी। इधर, शीतलहर के चलते ग्वालियर और मुरैना में 8वीं क्लास तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं, भिंड में स्कूलों का समय बदला है। बर्फ पिघलने पर और गिरेगा पारा
जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। रविवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलती रहीं। इस कारण ठंड का असर है। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम भोपाल, ग्वालियर-जबलपुर में 10 डिग्री से नीचे पारा
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे रहा। बड़े शहरों में सबसे ठंडा जबलपुर रहा। यहां पारा 8 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में 9.2 डिग्री, भोपाल में 9.6 डिग्री, इंदौर में 12.8 डिग्री और उज्जैन में तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ठंडा मंडला रहा। यहां पारा 4 डिग्री, कल्याणपुर में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी में 4.6 डिग्री, मलाजखंड में 6.3 डिग्री, उमरिया में 6.5 डिग्री, रीवा में 7.8 डिग्री, छिंदवाड़ा-खजुराहो में 8.4 डिग्री, सीधी-राजगढ़ में 8.6 डिग्री, सतना में 9 डिग्री, नौगांव-रायसेन में 9.6 डिग्री, बैतूल में 9.7 डिग्री और टीकमगढ़ में 9.8 डिग्री रहा। बाकी शहरों में भी रात के तापमान में गिरावट देखी गई। इधर, रविवार सुबह दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में मध्यम कोहरा रहा। श्योपुर, मैहर में घना कोहरा रहा। ग्वालियर, खजुराहो, रीवा में 50 से 200 मीटर और टीकमगढ़ में 200 से 500 मीटर तक विजिबिलिटी रही। भोपाल में दिनभर धूप-छांव वाला मौसम रहा और ठंडी हवा चलती रही। प्रदेश के कई शहरों में ऐसा ही मौसम रहा। इससे दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड
नवंबर-दिसंबर में ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे रहा। पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई। भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

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