इंदौर हाईकोर्ट में मल्हारगढ़ थाने से जुड़े NDPS मामले की मंगलवार को हुई सुनवाई में मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा स्वयं पेश हुए। कोर्ट के सामने उन्होंने स्वीकार किया कि युवक की गिरफ्तारी और जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां हुई हैं। इस मामले में पहले ही 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की जा चुकी है। कोर्ट ने सरकार से कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा था— “क्या युवक 10 साल तक फैसले का इंतजार करेगा?” लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। मल्हारगढ़ पुलिस ने एफआईआर में बताया था कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोहनलाल को बांडा खाल चौराहा के पास श्मशान के सामने से पकड़ा और उसके पिट्ठू बैग से 2 किलो 714 ग्राम अफीम बरामद की, जिसकी कीमत 5 लाख 42 हजार रुपए आंकी गई। लेकिन बस के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिस सोहनलाल को बस से जबरन उतारकर अपनी गिरफ्त में लेती है। यहीं से FIR और वास्तविक घटनाक्रम में बड़ा विरोधाभास सामने आया। जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया उनमें थाना प्रभारी राजेन्द्र पवार, उपनिरीक्षकों में साजिद मंसूरी और संजय प्रताप सिंह और आरक्षकों में नरेंद्र, जितेंद्र और दिलीप जाट शामिल हैं। बस से जबरन पकड़ा गया था छात्र
29 अगस्त 2025 को 18 वर्षीय सोहन मंदसौर से प्रतापगढ़ जा रहा था। इसी दौरान बस में 3–4 लोग चढ़े और उसे जबरन नीचे उतारकर ले गए। युवक को मल्हारगढ़ थाने ले जाकर उस पर 2 किलो 714 ग्राम अफीम रखने का मामला दर्ज किया गया और अगले दिन कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पहले कहा– बैग बरामद नहीं हुआ, अब वीडियो में बैग दिखा
पिछली सुनवाई में आरोपी सोहनलाल के वकील ने कोर्ट में वीडियो दिखाकर कहा था कि मौके से अफीम वाला बैग बरामद नहीं किया गया। आज उसी वीडियो को दोबारा चलाकर देखा गया, जिसमें सोहनलाल के पास वही बैग साफ तौर पर नजर आया, जिसमें अफीम होने का पुलिस का दावा है। यह बिंदु अब कोर्ट के विचाराधीन है। पुलिस का दावा– अफीम लेने चंद्रप्रकाश ने बुलाया था
पुलिस के अनुसार, सोहनलाल को अफीम लेने के लिए चंद्रप्रकाश पिता कालूराम पाटीदार ने बुलाया था, जो CCTV फुटेज में नीली टी-शर्ट में दिखाई दे रहा है। विवेचना के दौरान चंद्रप्रकाश को भी गिरफ्तार किया गया था, हालांकि फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। चंद्रप्रकाश पर पहले से NDPS का गंभीर मामला दर्ज
चंद्रप्रकाश पाटीदार पर पहले से थाना छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ में अपराध क्रमांक 175/22 धारा 8, 18, 29 NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज है। उस प्रकरण में उससे 5.500 किलो अफीम जब्त की गई थी। छात्र होने को लेकर बढ़ा विवाद
परिजनों के अनुसार सोहनलाल 12वीं में फर्स्ट डिवीजन से पास होनहार छात्र है और पीएससी की तैयारी करना चाहता था। 29 अगस्त 2025 को वह बस से रिश्तेदारों से मिलने जा रहा था, तभी उसे जबरन उतारकर हिरासत में लिया गया और बाद में NDPS का केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। ये पुलिसकर्मी सस्पेंड NDPS एक्ट में सख्त सजा का प्रावधान 2.714 किलो अफीम की जब्ती एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें 10 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। कोर्ट ने माना कि इस केस में गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया संदिग्ध रही। यह खबर भी पढ़ें 12वीं टॉपर छात्र को बनाया ड्रग तस्कर, जेल भेजा:इंदौर में बस के CCTV से पुलिस एक्सपोज
मंदसौर पुलिस की ऐसी करतूत उजागर हुई, जिसे देखकर हाईकोर्ट भी सन्न रह गया। मल्हारगढ़ थाना पुलिस ने एक बेगुनाह छात्र को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ ड्रग स्मगलिंग का केस दर्ज किया और उसे जेल भी भेज दिया। जब पीड़ित छात्र के परिजन ने हाईकोर्ट की शरण ली तब कोर्ट में CCTV फुटेज और वीडियो से पता चला कि पुलिस ने झूठा केस बनाया है। पढ़ें पूरी खबर


